लॉकडाउन के बाद गुजरात के 1800 लोग हरिद्वार में फंसे, अमित शाह और CM रूपाणी के कहने पर 28 लग्जरी बसों से…

नई दिल्लीः कोरोना वायरस के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को देशभर में लॉकडाउन का ऐलान कर दिया था। प्रधानमंत्री द्वारा लॉकडाउन के ऐलान के बाद 24 तारीख की रात 12 बजे से भारतीय रेलवे समेत राज्य सरकारों की सभी परिवहन सेवाएं रोक दी गई थीं, ताकि लोगों को उनके घरों पर ही रोका जा सके।

हालांकि, इस लॉकडाउन के बीच कई उल्लंघन पर खुलासा हुआ है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 मार्च को गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के आदेश के बाद हरिद्वार में फंसे 1800 लोग को लक्ज़री प्राइवेट बसों के जरिए गुजरातियों उनके गृह राज्य पहुंचाया गया।

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दरअसल, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के सचिव अश्वनी कुमार ने एक न्यूज एजेंसी को बताया की गुजरात के अलग अलग जिलों के करीब 1800 लोग हरिद्वार में फंसे हुए थे। केंद्रीय मंत्री मनसुखभाई मांडविया, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रूपाणी के विशेष प्रयासों से इन लोगों को वहां से निकाला गया।

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28 मार्च को गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रूपाणी के कहने पर उत्तराखंड परिवहन की 28 बेस हरिद्वार से अहमदाबाद पहुंची थी। लेकिन दिलचस्प बात यह है की ये काम इतनी गोपनीयता से किया गया कि उत्तराखंड के परिवहन मंत्री तक को इस बात की खबर नहीं लगी कि उनके विभाग की कई गाड़ियां लॉकडाउन के दौरान कई राज्यों की सीमाओं को पार करते हुए 1200 किलोमीटर के सफर पर निकल चुकी थी।

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आपको बता दें 27 मार्च को जारी एक आदेश से मालूम पड़ता है कि उत्तराखंड परिवहन की ये गाड़ियां सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के तहत गुजरात भेजी गई थीं।

इनका उद्देश्य हरिद्वार में फंसे गुजरात के लोगों को उनके घर पहुंचाना था। वापस लौटते हुए यही गाड़ियां वहां फंसे उत्तराखंड के लोगों को लेकर आ सकती थी, लेकिन ऐसा कोई भी आदेश उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया था।