दिल्ली: हज़रत निजामुद्दीन मस्जिद से 200 लोगों को धरा गया, 2,000 को क्वारंटाइन किया

देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद चिंताजनक खबर आ रही है, यहां हज़रत निजामुद्दीन के मरकाज, यानी कि जो मुख्य मस्जिद है वहां से तबलीगी जमात के तकरीबन 200 लोगों को कोरोना वायरस की जांच के लिए दिल्ली के अलग-अलग हॉस्पिटलों में ले जाया गया है. आपको बता दें कि इसमें गंभीर बात यह है कि यहां के मरकज में कई लोग विदेशों से भी आए हुए हैं.

अभी तक इनमें से काफी लोग ऐसे हैं, जो 10 मार्च से ही रुके हुए थे. दिल्ली सरकार ने हजरत निजामुद्दीन के मरकज के मौलाना के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं. अब दिल्ली पुलिस द्वारा उस मरकज के मौलाना पर कार्यवाही की जावेगी, यह कैसे लोग हैं जिन्हें मामले की गंभीरता का एहसास नहीं है.

तब्लीगी जमात के करीब 200 लोगों को कोरोना वायरस की जांच के अस्पतालों में ले जाया गया है

Hazrat Nijamuddin Delhi

क्या इन लोगों ने चीन के वुहान, इटली और अमेरिका तथा इस्लामिक देश ईरान की हालत नहीं देखि?. इस बेहद गंभीर मामले से ये क्या वाकिफ नहीं थे. हजरत निजामुद्दीन के पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है वहां पर किसी को न तो बाहर निकलने की इजाजत है और ना ही किसी को अंदर जाने की.

सूत्रों के अनुसार खबर है कि अभी भी तकरीबन 1,000 लोग इस्लामिक प्रचार सेंटर के अंदर बंद हैं. जिन 200 लोगों को हॉस्पिटल चेकअप के लिए ले जाया गया है, उनमें से कई लोगों को बुखार और खांसी की शिकायत भी है. इसके अलावा इस पूरे इलाके से तकरीबन 2000 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी फैलने की आशंका ना बने.

फिलहाल इस खबर के सामने आते ही देश भर के लोगों में काफी गुस्सा है, क्योंकि इन लोगों ने वक्त की नजाकत को न समझते हुए काफी लापरवाही भरा काम किया है. जबकि देशभर में सभी लोग सोशल डिस्टेंस बनाकर अपने घरों में कैद हैं, और ऐसे लोगों को कतई फिक्र नहीं है.

एक संक्रमित इंसान इस देश का कबाड़ा कर सकता है, और उन्होंने इस तरह से सार्वजनिक रूप से तबलीगी जमात को मरकज के अंदर ठहरने दिया, और इतने दिनों से प्रशासन से जानकारियों को भी छुपा कर रखा गया. लोगों को अभी इतनी बड़ी घट’ना से सबक लेना चाहिए.

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