CAA के भरोसे पाकिस्तान से भारत आये 243 हिन्दू नागरिकों को नहीं मिली भारतीय नागरिकता, वापस लौटने को मजबूर

243 पाकिस्तानी हिन्दू-सिख शरणार्थि'यों को नहीं मिली भारतीय नागरिकता अब लौटेंगे अपने मुल्क

नई दिल्ली, 29 नवंबर 2020: CAA सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट (Citizenship (Amendment Act) को लेकर देशभर में खूब आंदोलन हुए सिर्फ भारत में ही नहीं भारत से बाहर रह रहे लोगों ने भी सीएए पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी थी. भारत सरकार द्वारा लाए गए इस कानून के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश पाकिस्तान से आए प्रवासियों को भारतीय नागरिकता दी जानी थी। जिसमें हिंदू, सिख, पारसी, जैन ,बौद्ध तथा ईसाई समुदाय के लोगों को शामिल किया गया था।

हालांकि भारत में कोरोना महा’मा’री के चलते देशभर में चल रहे इस आंदोलन पर विराम लग गया लेकिन अब यह मामला फिर से सामने आने लगा है. दरअसल भारत में काफी लोग ऐसे थे जो कि लोंग टर्म वीजा पर भारत के अंदर रह रहे थे उन्हें भारत सरकार के सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट के तहत भारत की नागरिकता मिलने के आसार थे लेकिन अब कुछ और ही देखने को मिल रहा है।

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भारत में रह रहे हैं यह लोग पाकिस्तानी हिंदू और सिख समुदाय से हैं जो कि भारत की नागरिकता लेना चाहते थे लेकिन अब उनका यह सपना टूटता हुआ दिखाई दे रहा है. हालांकि इसकी एक वजह है कोरोना महा’मा’री को भी बताया जाता रहा है।

आपको बता दें कि भारत सरकार ने नागरिकता कानून के नए नियमों को अभी तक लागू नहीं किया है जबकि इसे संसद से पारित हुए 1 साल बीत चुका है ऐसे में लोगों उनकी भारतीय नागरिकता का सपना टूटता हुआ दिख रहा है।

भारत में रह रहे यह 243 नागरिक पाकिस्तानी है जिन्हें अब बाघा बॉर्डर से वापस पाकिस्तान जाने की भी अनुमति मिल गई है. इन सभी 243 नागरिकों को नो ऑब्जेक्शन की अनुमति देते हुए भारतीय गृह मंत्रालय ने कहा कि जो पाकिस्तानी शरणार्थी भारत में रह रहे हैं अथवा जिन्होंने LTV के लिए आवेदन किया है।

उन्हें वापस पाकिस्तान जाने के लिए FRRO/FRO से अनुमति लेनी होगी। इन सभी नागरिकों को नागरिकता ना मिलने की बजे है एक तरफ कोरोना महा’मा’री और दूसरी तरफ देश के अंदर नागरिकता कानून के खिलाफ चले लंबे आंदोलन को बताया जा रहा है।

वही शर’णा’र्थी आर्थि’क तंगी की वजह से अब वापस जाना चाहते हैं. वही इस मामले को लेकर एक अधिकारियों ने बताया कि वापस जाने के लिए सबसे ज्यादा आवेदन राजस्थान मध्यप्रदेश गुजरात तथा दिल्ली से आए हैं।