PHOTOS: दिल्ली हिं’सा के दौरान दं’गाइ’यों ने 14 मस्जिदों और एक दरगाह को ज’लाया था

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर पूर्वी दिल्ली में बीते 24 फरवरी को भ’ड़की हिं’सा के कारण करीब तीन दिनों में 500 करोड़ रुपए से भी ज्यादा के कारोबार का नुकसान हुआ है। वही दिल्ली के अलग अलग इलाक़ों में फैली हिं’सा के कारण अब तक 49 लोगों की जा’न जाने की ख़बर है. उत्तर पूर्वी दिल्ली में तीन दिनों की हिं’सा के दौरान, हिं’दुत्व के लोगों द्वारा कम से कम 14 मस्जिदों और एक सूफी दरगाह को ज’ला दिया था।

देखने पर कई मस्जिदें ऐसी दिखती हैं जैसे कि उनकी खिड़कियों के माध्यम से आग लगाई गई थी जो उनके कांच के शी’शे टू’ट जा’ने के बाद खुली थीं। दूसरों को उन लोगों द्वा’रा स्प’ष्ट रूप से सेट किया गया था।

जिन्होंने उनके माध्यम से किताबें फाड़ दीं, फर्नीचर को तो’ड़ दिया, नल को बंद कर दिया, उन प’रिस्थि’तियों में मस्जिद के इमाम या मुअज्जिन समय से भा’गने में अ’सम’र्थ थे, जिन्हे हिं’सक भी’ड़ ने छ’ड़ और डं’डों से पी’टा। सायद चाँद बाबा दरगाह, चाँद बाग

तीन दिनों तक चली हिं’सा के दौरान कई ह’मले दिन के उजाले में हुए। मुस्लिम और हिं’दू के करीबी लोग जो रहते हैं या काम करते हैं.

मदीना मस्जिद, शिव विहार उन्होंने गवाही दी कि मस्जिदों पर जय श्री राम के नारे लगाने वाले उन्मा’दी भी’ड़ द्वारा ह’मला किया गया था। जिसके कई वीडियो भी सामने आये थे।

आपको बता दें दिल्ली के अलग अलग इलाक़ों में फै’ली हिं’सा के दौरान कई क्षेत्र ऐसे भी थे जहाँ मस्जिद के साथ साथ कई हिं’दू मंदिर भी थे लेकिन इनमे एक भी मंदिर पर ह’मला नहीं किया गया था।

औलिया मस्जिद, शिव विहार ये शिव विहार की मस्जिद है, लोगों ने इसे भी नही ब’ख्शा. इसके अलावा अभी और भी मस्जिदों के हा’लत नीचे देखिये.

अंग्रेजी न्यूज़ वेबसाइट स्क्रोल की खबर के अनुसार ये तस्वीरें. इस लेखक द्वारा 27 फरवरी से 7 मार्च के बीच पांच दिनों में ली गई हैं.

तैय्यबा मस्जिद, शिव विहार फेज 3, स्क्रॉल के मुताबिक यहाँ उन सभी मस्जिदों के व्य’वस्थि’त उनके वि’ना’श होने के सबूत हैं, जो एक तरह से धा’र्मिक सं’केत है अ’स’हि’ष्णु’ता का.

मौला बक्श मस्जिद, अशोक नगर आखिर क्या मिला इनको इस तरह से इनकी हा’लत बनाने को. श’र्मसार हो रहे होंगे इं’सानियत को पूजने वाले आज.

चांद मस्जिद, अशोक नगर ये भी चाँद मस्जिद है, जो अशोक नगर में मौजूद है. इस मस्जिद में भी लोगों ने तबियत से अपनी मनमानी की है.

मुबारक मस्जिद, गढ़ी मेंदु ये मुबारक नाम की माजिद है, देखने से ऐसा लगता है कि उन लोगों के ल’क्श सिर्फ और सिर्फ धा’र्मिक स्थल ही थे.

गामरी मस्जिद, गामरी ये गामरी माजिद है जो उपर दिखाई दे रही है. खुदा के नेक बन्दों ने इसको भी नहीं छोड़ा

मस्जिद, भागीरती विहार, बताओ, मीना नाक की मस्जिद भी इनको से’क्युलर होने का मतलब न समझा सकी.

मदीना मस्जिद, मिलन गार्डन मिलन गर्दन में मौजूद मदीना मस्जिद को भी लोगों ने नहीं ब’ख्शा, क्या था इनके दिलों में आखिर ऐसा.

अल्लाहवाली मस्जिद, मुकुंद नगर ज़रा भी रहम नहीं आया उन लोगों को, उपरवाले का घर मिटाते हुए.

जन्नती मस्जिद, गोकलपुरी, गोकुलपुरी की जन्नती मस्जिद में भी कोई कसार बाक़ी नहीं छोड़ी इन्होने. दिल्ली में ऐसा भी होगा कभी उम्मीद नहीं थी.

कुछ और मजिदें हैं, जिनके नाम अभी सामने आना बाकि हैं. फ़िलहाल तो जांचों और बयानों का दौर जारी है.

ये फोटो में दिख रही, माजिद का नाम है फातिमा मस्जिद. ये गली नंबर 29, शेहरपुर चौक की माजिद है.

फोटो में आप देख रहे हैं, फारूकिया मस्जिद, ये बृजपुरी इलाके में मौजूद है.

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