योगीराज में जमकर हो रहा है भ्रष्टाचार, अब इस मंत्री के विभाग में 38 करोड़ की हेरफेर, जानें क्या है मामला

लखनऊ: एक तरफ जहां मोदी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है. तो वहीं कई राज्यों के मंत्रियों ने जमकर लूट मची हुई है. अब ताज़ा भ्रष्टाचार का मामला उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की मंत्री स्वाति सिंह का आया है जो बाल विकास पुष्टाहार विभाग का है कहा जा रहा हैं कि उनके टेंडर में 38 करोड़ रुपये का बड़ा हेरफेर सामने आया है।

दरअसल, नई स्कूल नीति के अंतर्गत बाल विकास पुष्टाहार विभाग सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी स्कूल में तब्दील कर रहा है. यह तब्दीली बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से लाई जा रही है. जिसमें फर्नीचर की खरीद के लिए हर जनपद को तक़रीबन 50 लाख का ग्रांट केंद्र सरकार ने दिया गया है जिसकी मुख्यालय से मॉनिटरिंग की जा रही है।

इसी को लेकर योगी सरकार की मंत्री स्वाति सिंह के बाल विकास पुष्टाहार विभाग में 38 करोड़ के टेंडर में बड़ा हेरफेर सामने आया है. बता दें स्वाति सिंह पर भ्रष्टाचार का ये कोई पहला मामला नही है, इससे पहले उनके पूर्व के विभाग में भी भ्रष्टाचार की कई जाचें चल रही हैं। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

गौरतलब है कि, पिछले साल ही स्वाति सिंह पर लखनऊ कैंट की सीओ डॉ. बीनू सिंह को ध’मकी देने के मामला सामने आया था। जिसके संबंध में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा मंत्री स्वाति सिंह को तलब किया था। साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने डीजीपी से पूरे मामले की रिपोर्ट भी मांगी।

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार इस विभाग के निदेशक शत्रुघ्न सिंह पर भ्रष्टाचार को शह देने का आरोप लगा है। स्वाति सिंह का विभाग निजी कंपनी सुप्रीम फर्नीचर को टेंडर दिलाने के लिए सारी कंपनियों को पहले ही बिड से डिसक्वालिफाई कर 19 जिलों में सिर्फ सुप्रीम फर्नीचर को ही टेंडर दिया गया है।

हलाकि अभी तक प्रदेश के 22 जिलों में टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.और बांकियों में प्रतिदिन चालू है. वही इस पूरे मामले से बेसिक शिक्षा विभाग ने पल्ला झाड़ लिया है. आखिर सवाल यह उठता है कि सरकार सुप्रीम फर्नीचर पर ही क्यों मेहरबान है?

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