सरकार गिरने के 41 दिन बाद कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह पर लगाया बड़ा आरोप, दिग्विजय हमको झूठा भरोसा दिलाते रहे…

भोपाल: मध्यप्रदेश में सत्ता कांग्रेस के हाथ से निकलकर भाजपा के हाथ में चली गई है. सरकार गिरने के 41 दिन बाद पूर्व सीएम कमलनाथ एक बयान देकर राजनीतिक गलियारे में फिर से हलचल मचा दी है. न्यूज चैनल आज तक से बातचीत में कमलनाथ ने कहा, मैं राज्य में अपनी सरकार इसलिए नहीं बचा सका, क्योंकि दिग्विजय सिंह ने उनमें झूठा विश्वास भर दिया था।

दरअसल, कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व सीएम कमलनाथ ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है. राज्य के पूर्व सीएम कमलनाथ ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार इस वजह से नहीं बचा पाए क्योंकि पार्टी के बड़े नेता दिग्विजय हमको आखिर तक झूठा भरोसा दिलाते रहे।

कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा पार्टी के कुछ विधायक साथ छोड़कर और कहीं नहीं जाएंगे मैं उन पर भरोसा करता रहा और नतीजतन सरकार हमारे हाथ से चली गई. चैनल को दिया बयान वायरल होते ही कमलनाथ ने खुद की बात का ही खंडन करते हुए कहा कि मेरी सरकार गिरने के मुद्दे पर बातचीत में मैंने चैनल से कहा- स्वयं मुझको और दिग्विजय सिंह को कुछ विधायकों ने झूठा विश्वास दिलाया था

उनके झूठे विश्वास पर हम दोनों ने भरोसा किया और हम अपनी सरकार नहीं बचा पाए यह चर्चा अनौपचारिक थी और इसमें कहीं भी मैंने यह नहीं कहा कि दिग्विजय सिंह ने झूठा विश्वास भरा था, इसके कारण सरकार नहीं बची।

वही कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी ज्वाइन करने वाले ​ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में जब कमलनाथ से पूछ तो उन्होंने कहा, जहां तक ​​ज्योतिरादित्य सिंधिया का सवाल है, मुझे पता था कि लोकसभा चुनाव हारने के बाद वह जुलाई से ही भाजपा के संपर्क में थे। वह इस बात को कभी पचा नहीं पाए कि वह एक लाख से अधिक वोटों से लोकसभा चुनाव हार गए।

उन्होंने कहा जो कभी कांग्रेस का साधारण कार्यकर्ता था सिंधिया उससे हार गए, जिसे भाजपा ने अपने पाले में लेकर उनके खिलाफ चुनाव में उतारा था। सिंधिया अपनी हार के बाद बीजेपी के संपर्क में थे, लेकिन बीजेपी की राज्य इकाई ने उन्हें कभी नहीं चाहा। बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व किसी भी कीमत पर मध्य प्रदेश से दूसरी राज्यसभा सीट चाहता था। इसलिए उन्होंने सिंधिया को भाजपा की सदस्यता दिला दी।

वही मध्य प्रदेश उपचुनाव को लेकर भी कमलनाथ ने कई दवा कर कहा, यह आंकड़ों का खेल है. अभी हमारे पास 92 विधायक और उनके पास 107 हैं। 24 सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं. इसमें कम से कम 15 सीटें भाजपा के बराबर आने के लिए जीतनी होंगी पार्टी तगड़ी जीत हासिल कर फिर से राज्य की सत्ता में आएगी।

Leave a Comment