VIDEO: 2 करोड़ की दाल ख़रीदने के बाद चेक देकर कंपनी फ़रार, किसानों की मेहनत की कमाई अब ऐसे ठगी जायेगी?

एक निजी कंपनी ने 2 करोड़ की फ़सल खरीदने के बाद किसानों को चेक दिए जो बाउंस हो गए, कंपनी का कुछ अता-पता नहीं है ऐसे में किसान किसके आगे हाथ फैलाएगा?

देशभर में किसान आंदोलन जारी है पिछले महीने भर से देशभर के किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं एक ओर जहां पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली बॉर्डर पर कोरोना महा’मा’री और कड़कड़ाती ठंड के बीच डटे हुए हैं वहीं देश के दूसरे राज्यों में भी किसान अलग-अलग तरीकों से किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए दिखाई दे रहे हैं।

बता दें कि हाल ही में किसान संगठन और सरकार के बीच वार्ता होने वाली है। हालांकि इससे पहले भी कई बार वार्ताएं हो चुकी हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। ऐसे में अब किसानों का कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो यह आंदोलन और तेज होगा यही नहीं किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो नए साल के मौके पर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन होंगे।

farmer in india

कंपनी ने किसानों को, मंडी से 700 रुपया प्रति कुंटल ज्यादा देने की बात कही थी

वही केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानून है जिनमे में अलग-अलग तरह के प्रावधान दिए गए हैं सरकार का कहना है कि यह तीनों कानून किसान की आय में वृद्धि करेंगे जिससे किसान सशक्त होगा।

लेकिन देश भर के किसान मानने को तैयार नहीं है. वही किसान आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश से एक और बड़ी खबर आ रही है।

दरअसल मध्य प्रदेश से एक कंपनी किसानों को मोटा चूना लगा गई। मामला मध्य प्रदेश के हरदा से जुड़ा हुआ है जहां 22 किसानों ने कंपनी से समझौता किया।

भुगतान के समय ये निजी कंपनी फरार हो गयी

कंपनी से इस समझोते में, कंपनी ने किसानों को मंडी से 700 रुपया प्रति कुंटल ज्यादा देने की बात कही लेकिन जब भुगतान का वक्त आया तो कंपनी फरार हो गई। ऐसे में अब किसानों ने शिकायत दर्ज करवाई है।

 

आपको बता दें नए कृषि कानूनों में सरकार कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देना चाहती है जिससे कि किसान अपनी फसल का सीधे व्यापारी से समझौता कर सकें।

सरकार का कहना है कि अगर किसान और व्यापारी के बीच सीधा समझौता होगा तो किसान को अच्छा दाम मिलेगा लेकिन इसकी जमीनी हकीकत मध्य प्रदेश के मामले से सामने आती दिख रही है।

इस तरह से किसानों के साथ ख़रीदी में ठगी की गयी

बता दें कि मध्यप्रदेश के हरदा के देवास में 22 किसानों ने खोजा ट्रेडर्स से समझौता किया जानकारी के अनुसार खोजा ट्रेडर्स के दो भाइयों ने खोजा ट्रेडर्स का लाइसेंस दिखाकर 22 किसानों से उनकी फसल लेने की बात कही पर यही नहीं दोनों भाइयों ने किसानों को मंडी से 700 रुपया प्रति कुंतल ज्यादा रुपया देने की भी बात कही।

लेकिन जब किसानों को भुगतान का वक्त आया तो पता चला कि खोजा ट्रेडर्स ने 3 महीने पहले ही अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन खत्म कर दिया है।

खोजा ट्रेडर्स के दो भाइयों ने यह समझौता 22 किसानों के साथ किया था जिसमें वे किसानों से दो करोड़ का मशूर- चना खरीदने वाले थे।

लेकिन जब किसानों को भुगतान का वक्त आया तो खोजा ट्रेडर्स का पता ही नहीं चला इसकी जानकारी किसानों को तब हुई जब ट्रेडर्स द्वारा दिया गया चेक बाउंस हो गया।

ठगे जाने के बाद किसान इधर-उधर अपनी शिकायत लेकर फिर रहा है

ऐसे में अब किसानों ने खातेगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत (FIR) दर्ज करवाई है। किसानों का दावा है कि 150 से 200 किसानों के साथ भी इस तरह की घटना हुई है।

मामले पर देवास कलेक्टर का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी प्राप्त हुई है अब पुलिस की मदद से ट्रेडर्स का पता लगाना शुरू कर दिया है।

लेकिन मध्यप्रदेश में इस घटना के बाद अब केंद्र सरकार के कृषि कानून जिनमें कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग शामिल की गई है पर सवाल उठ रहे हैं।