VIDEO: आज तक के रिपोर्टरों को गुस्साई जनता ने खदेड़ कर बाहर का रास्ता दिखाया, वीडियो वायरल

नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Bill) को लेकर पूरे देश में हिं’सक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हिं’सा के दौरान कर्नाटक के मेंगलूरू में दो और लखनऊ में एक प्रदर्शनकारी की मौ’त की भी खबर आ रही है। जगह-जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिं’सक झड़पें भी सामने आ रही है। हालांकि, इस हिं’सक भीड़ में ही कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन्होंने पुलिसवालों को उ’पद्रवि’यों से बचाया। ईं’ट और प’त्थ’रों की बरसात के बीच ये युवा पुलिसवालों के ढाल बन गए। खास बात यह है कि ये युवा भी नागरिकता संशोधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे थी।

इसी बीच नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्राओं के साथ दिल्ली पुलिस की बर्बरता के खिलाफ इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन हो रहा था इस दौरान रात को इंडिया टुडे ग्रुप की टीम जामिया छात्रों के प्रदर्शन की ग्राउंड रिपोटिंग करने आई तो प्रदर्शन कर रहे छात्र इनहे देखकर भड़’क उठे।

प्रदर्शनकारी छात्र और छात्राए आज तक की महिला पत्रकार को देख कर वहाँ से उन्हें भागने लगे इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्र और छात्राए ने नारे भाई लगाए गोदी मीडिया शर्म करो, गोदी मीडिया शर्म करो आप लोग दलाल हो इस दौरान एक छात्र ने कहा की कल मोदी जी सीढ़ियों से गिरे तो पूरी मीडिया में छाया की मोदी जी गिर गए-मोदी जी गिर गए लेकिन आज चार स्टूडेंट म’र गए वो किसी को नहीं दिखा।

बता दें प्रदर्शनकारी छात्रों ने मीडिया पर भड़कते हुए कहा की हम अपने हक़ के लिए इतने दिनों से संघर्ष कर रहे है। लेकिन कोई मीडिया हम को नहीं दिखा रहा सब मीडिया बीक चुके है सरे मीडिया वाले गोदी मीडिया हो चुके है।

 

वही आज नागरिक संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद और कांग्रेस नेता अलका लाम्बा भी जमा मस्जिद पहुंची थी। इस दौरान पुलिस द्वारा उग्र भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने फिलहाल प्रदर्शनकारियों को दिल्ली गेट के पास रोक कर रखा है।

इस दौरान लाल किले के निकट से ही सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई थी। लेकिन प्रदर्शनकारियो ने धारा 144 का उल्लंघन करते हुए छात्रों, कार्यकर्ताओं और विपक्ष के नेताओं समेत हजारों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किये, वहीं कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। कई यातायात प्रतिबंधों के कारण शहर में यातायात प्रभावित हुआ था।