सूरत में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, आम आदमी पार्टी बनी मुख्य विपक्षी पार्टी, 27 सीटें हासिल कीं

गुजरात में भाजपा का गढ़ रही सूरत महानगरपालिका में आम आदमी पार्टी ने में 27 सीटों पर अपना कब्ज़ा जमाया है जबकि कांग्रेस का इस बार खाता भी नहीं खुल पाया है।

हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर और पंजाब नगर निकाय चुनाव के बाद अब गुजरात नगर निकाय चुनावों की चर्चा जोरों पर है. बता दें हाल ही में गुजरात में नगर निकाय चुनाव संपन्न हुए जिसके परिणाम बीते मंगलवार घोषित हुए थे। इस बार गुजरात नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन रहा। तो वहीं कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।

बता दें हाल ही में पंजाब नगर निकाय चुनाव के परिणाम घोषित है जिसमें भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था लेकिन गुजरात में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है।

आम आदमी पार्टी का शानदार प्रदर्शन

एक ओर जहां गुजरात में नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 294 सीट जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है तो आम आदमी पार्टी ने भी अच्छी बढ़त बनाई है. बता दें केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने सूरत की 27 सीटों पर कब्जा जमाया है जिसके बाद यहां भारतीय जनता पार्टी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है।

आपको यह भी बता दें कि सूरत को भाजपा का गढ़ कहा जाता है ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने सूरत की 120 सीटों में से 93 सीटों पर कब्जा जमाया है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा सूरत में आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर है। बता दें इस नगर निकाय चुनाव में महज 22 साल की पायल पाटीदार सबसे कम उम्र की पार्षद बनी है।

पायल आम आदमी पार्टी के टिकट से वार्ड नंबर 16 से चुनावी मैदान में उतरी थीं और जीतकर पार्षद बन गईं हैं ऐसे में पार्टी के इस शानदार प्रदर्शन पर आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने गुजरात में पहली बार चुनाव लड़ा और नतीजे चौंकाने वाले रहे।

लेकिन गुजरात में इस बार के नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी को जबरदस्त झटका लगा है। एक ओर जहां भाजपा और आम आदमी पार्टी ने सूरत में शानदार प्रदर्शन किया है तो कांग्रेस पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल सके जिससे यहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है।

हालांकि पंजाब नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन की खूब चर्चा हुई थी लेकिन गुजरात नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस को मायूसी हाथ लगी है।

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।