नरेंद्र मोदी के होम स्टेट गुजरात में लेफ्ट मोर्चे के छात्र संगठनों ने एबीवीपी का किया सूपड़ा साफ

बीजेपी शासित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होम स्टेट गुजरात में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को लेफ्ट मोर्चे के छात्र संगठनों से करारी शिकस्त मिली है। गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में बीजेपी के छात्र संगठन एबीवीपी का सूपड़ा साफ हो गया है। चारों छात्र संगठनों के संयुक्त मोर्चे की इस ऐतिहासिक जीत से छात्रों के बीच खुशई की लहर है।

आपको बता दें गुजरात सेंट्रल यूनीवर्सिटी के विभिन्न संकायों में हुए चुनाव में संयुक्त मोर्चे के उम्मीदवारों ने एबीवीपी उम्मीदवारों का सफाया कर दिया है। विश्वविद्यालय के भाषा एवं साहित्य अध्ययन केंद्र से एसएफआई के चितरंजन कुमार, अंतरराष्ट्रीय केंद्र से एलडीएसएफ की प्राची लोखंडे सामाजिक विज्ञान केन्द्र से बापसा के अशरफ दीवान, लाइब्ररी साइंस से एनएसयूआई के विजेंद्र कुमार ने जीत दर्ज की है।

शनिवार को आये इन नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया में यूनिवर्सिटी के छात्र नेताओं ने कहा, यह जीत महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, बाबा साहेब आंबेडकर और सरदार पटेल की विचारधाराओं की जीत है। यह जीत हमारे संविधान की भी जीत है। एनएसयूआई, एसएफआई, एलडीएसएफ और बापसा के संयुक्त मोर्च ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया है।

गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के नतीजे को एबीवीपी समेत बीजेपी की राज्य और केंद्र सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा है। सामाजिक विज्ञान केंद्र में कुल 167 मतों में से अशरफ को 114 वोट मिले, जबकि एबीवीपी के प्राची रावल को महज 45 वोट पड़े। वही अंतरराष्ट्रीय केंद्र में प्राची लोखंडे को कुल 38 वोट में से 30 वोट मिले, जबकि एबीवीपी के रामा जजूला को महज 8 वोट ही मिले।

इसके अलावा भाषा एवं साहित्य अध्ययन केंद्र में कुल 166 मतों में से चितरंजन को 94 मत मिले, जबकि एबीवीपी के प्रत्याशी को यहां 68 वोट मिले। लाइब्रेरी साइंस में विजेंद्र कुमार को 15 वोट मिले, जबकि एबीवीपी के अमरीन ताज को महज 1 वोट हासिल मिला।

इस ऐतिहासिक जीत से उत्साहित विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं ने कहा कि आज की जीत महात्मा गांधी, पंडित नेहरू बाबा साहेब आंबेडकर, सरदार पटेल भगत सिंह और मौलाना आजाद की विचारधाराओं की जीत है, क्योंकि यह जीत संविधान को मानने वालों की जीत है।

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