ACP ने लड़की से रि’श्वत के बदले माँगी अस्मत, लड़की की आ’बरू लू’टने के लिए चुना सरकारी दफ्तर

वर्दी का गलत इस्तेमाल करते हुए धरा गया ACP, 30 साल की युवती से रिश्वत के बदले उसकी आबरू से खेलना चाहता था, रवीवार को सरकारी दफ्तर में बुलाया

जयपुर: अक्सर आपने पुलिस महकमें में कार्यरत लोगों और अधिकारीयों को रिश्व’त खाने के चलते कई बार सुना होगा. जब आम लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो वह लोग पुलिस की प’नाह में जाते हैं. लेकिन जब खुद रक्ष’क ही भ’क्ष क बन जाएँ तो फिर हमें न्याय मिलना तो दूर उसके बारे में सोचना भी फ़िज़ूल है.

ऐसा नहीं है कि हर पुलिस वाला बे’ईमान और रि’श्वतखोर हो, लेकिन कभी-कभी डिपार्टमेंट में ऐसे लोगों की भरती हो जाती है, जिसकी वजह से वर्दी पर ध’ब्बा तो लगता ही है, लेकिन साथ-साथ वह अपने साथियों को भी शर्मिं’दा कर देते हैं. इसके अलावा जनता का भरोसा जो पुलिस के प्रति थोडा बहुत बना हुआ है, ऐसे लोगों की वजह से वह भी जाता रहता है.

Rishwat ke badle mangi izzat

यह मामला राजस्थान के जयपुर से है, जहाँ एक ACP को गिरफ्तार किया गया है. इस ACP पर आरोप हैं कि जिस लड़की के दु##र्म की जाँच ये कर रहा था उसी लड़की को जाँच करने के बहाने अपने ऑफिस में बार बार बुलाकर मुहँ का’ला करता था.

कैलाश बोहरा नाम का RPS अफसर, पहले तो इस लड़की से 10 हज़ार रुपए महीने, ले रहा था. लेकिन बाद में इसपर ही उसकी नि’यत खरा’ब हो गयी. और फिर उसने इस लड़की के सामने पैसों के बदले उसकी अ’स्मत की सौदेबा’ज़ी कर ली.

इस लड़की की उम्र 30 साल है, जयपुर में जॉब करके यह युवती महीने के कुल 16 हज़ार रुपए कमाती है. और ये उससे उन पैसों में से हर महीने 10 हज़ार रुपए तो ले ही लेता था. लेकिन फिर बाद में इसने लड़की की आ’बरू पर ही नि’यत खरा’ब कर ली.

दरअसल, इस लड़की ने 6 मार्च को इस अधिकारी कैलाश बोहरा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसमें इसने यह बताया था कि उसने जवाहर सर्किल स्तिथ थाने में एक युवक व अन्य लोगों के खिलाफ ब##त्कार, धो#ध’ड़ी सहित 3 अन्य मुकदमे इन लोगों पर दर्ज करवाए थे.

इन तीनों मुकदमों की जाँच का ज़िम्मा इस अधिकारी कैलाश बोहरा को सौंपा गया था, जिसके बाद शुरू में इसने उस लड़की से रि’श्वत लेने की कोशिश की, जब लड़की ने रुपये नहीं दिए तो इस अधिकारी ने जांच के नाम इस लड़की को बार बार अपने ऑफिस बुलाना शुरू कर दिया.

जब कैलाश ने इस युवती को रविवार के दिन, डीसीपी कार्यालय पहुंचने के लिए कहा तो इस लड़की ने इसकी शिकायत कर दी. इसके बाद इस अधिकारी को मौके पर पकड़ने के लिए टीम का गठन किया गया.

फिर जब रविवार आया तो लड़की उसके कहे अनुसार ऑफिस जा पहुंची, जहाँ ये अधीकारी कैलाश पहले से मौजूद था और फिर इसने उसको अपने ऑफिस के अंदर बुला लिया और अंदर से दरवाजा भी बंद कर लिया.

क्योंकि उसको अच्छी तरह से पता था की आज रविवार का दिन है, और किसी स्टाफ सदस्य के आने की संभावना बिलकुल नहीं है. आपको जानकर आश्चर्य होगा की ये अधिकारी महिला अत्या#चार अनुसंधान यूनिट में बतौर प्रभारी सहायक पुलिस आयुक्त तैनात है.

दिल्ली (नोएडा) के रहने वाले ज़ुबैर शैख़, पिछले 10 वर्षों से भारतीय राजनीती पर स्वतंत्र पत्रकार और लेखक के तौर पर कई न्यूज़ पोर्टल और दैनिक अख़बारों के लिए कार्य करते हैं।