50 सालों के लिए Adani Group का हुआ जयपुर सहित तीन एयरपोर्ट, सभी चीजें तीन से चार गुना हो सकती है मेहंगी

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नितीकरण नीति के तहत जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन अब निजी समूह अडानी एंटरप्राइजेज को सौंप दिया गया हैं. दिल्ली में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के दौरान जयपुर हवाई अड्डे के निजीकरण को मंजूरी दे दी गई हैं. जयपुर के साथ-साथ गुवाहाटी और त्रिवेंद्रम हवाई अड्डे को भी निजी हाथों में सौंपने का फैसला मोदी कैबिनेट द्वारा लिया गया हैं.

वहीं इससे पहले मोदी सरकार ने करीब एक साल पहले 3 अन्य हवाई अड्डे अहमदाबाद, लखनऊ और मंगलुरू को अडानी समूह को सौंपने का फैसला लिया था.

जयपुर एयरपोर्ट का संचालन अडानी समूह को अगले 50 सालों के लिए दिया जा रहा हैं. पिछले साल फरवरी में हुई निविदा के दौरान अडानी ग्रुप ने सभी 6 एयरपोर्ट के लिए सबसे अधिक बोली लगाई थी.

जयपुर एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को अडानी समूह द्वारा घरेलू यात्री के लिए 174 रुपए प्रति यात्री और अंतरराष्ट्रीय यात्री के लिए 348 रुपए प्रति यात्री का भुगतान किया जाएगा.

पिछले साल ही अडानी समूह के नाम लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर दिया गया था और अब मोदी सरकार की कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल्द ही एयरपोर्ट के संचालन का कार्य निजी कंपनी अडानी ग्रुप को सौंप दिया जाएगा.

वहीं राज्य सरकार ने पिछले साल ही निजीकरण की कवायद शुरू होने के साथ ही केंद्र को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जाहिर की थी. उन्होंने पत्र में कहा था कि जब एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार द्वारा निशुल्क भूमि का आवंटन किया गया था तो ऐसे में इसे निजी हाथों में सौपने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी क्यों नहीं ली गई.

एयरपोर्ट पर सिर्फ एयर ट्रैफिक कंट्रोल का कार्य एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा जबकि चिकित्सा, अग्निशमन व्यवस्था भी निजी कंपनी ही संभालेगी. ऐसे में अब एयरपोर्ट अथॉरिटी के एयरपोर्ट निदेशक समेत करीब 125 कर्मचारी एयरपोर्ट पर नहीं रह सकेंगे.

इन कर्मचारियों को या तो अपनी मर्जी से निजी कंपनी के साथ जुड़ना होगा या फिर एयरपोर्ट अथॉरिटी के किसी दूसरे एयरपोर्ट पर तबादला करवा सकते हैं.

वहीं एयरपोर्ट निजी हाथों में जाने के बाद एयरलाइंस के काउंटर महंगे होंगे जिससे किराए की दरें भी बढ़ जाएगी. इसके आलावा चाय-कॉफी पीने के लिए 200 रुपए तक शुल्क देना पड़ सकता हैं. यहां कुछ भी खरीदना बाजार दर की तुलना में 3 से 4 गुना महंगा पड़ेगा. इसके आलावा एयरपोर्ट आने वाले प्रत्येक वाहन से 50 रुपए तक एंट्री शुल्क वसूला जा सकता हैं.

साभार- न्यूज़18