आडवाणी और जोशी को राम मंदिर के भूमि पूजन का नहीं मिला न्योता? चंपत राय ने बताई बड़ी वजह

नई दिल्ली: अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की तैयारियां जोरों पर है. प्रधानमंत्री मोदी रामलला के दर्शन करने के बाद भूमि पूजन करेंगे। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए करीब-करीब 175 लोगों को आमंत्रित किया गया है. राम मंदिर भूमि पूजन के संबंध में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को अयोध्या में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।

बता दें राम मंदिर के भूमि पूजन में शामिल होने के लिए बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को अभी तक निमंत्रण नहीं मिला है. वही राम जन्मभूमि ट्रस्ट की तरफ से अभी तक दोनों नेताओं को निमंत्रण ही नहीं मिला है. ट्रस्ट की तरफ से अब तक संपर्क भी नहीं किया गया. जबकि ये दोनों नेता राम मंदिर के आंदोलन में शामिल रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, उमा भारती और कल्याण सिंह को भूमि पूजन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्यौता मिल गया है. लेकिन बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को अभी तक निमंत्रण नहीं मिला है।

वही इस संबंद में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को अयोध्या में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने वाले व ट्रस्ट के सदस्य परासरण को न्योता क्यों नहीं दिया गया है।

चंपत राय ने कहा कि सभी से टेलीफोन पर बात हुई है और बिना किसी के माध्यम के सीधे संपर्क किया गया है. सूची काफी सोच समझ कर बनाई गई है। साधन, उम्र, कोरोना और मान्यताओं जैसे कि चा’तुर्मा’स का भी ध्यान रखा गया है।

उन्होंने कहा कि जिन्हें बुलाया नहीं जा सका, उनसे व्यक्तिगत तौर पर माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि आडवाणी जी कैसे आ पाएंगे चेन्नई से परासरण जी कैसे आ पाएंगे चंपत राय ने कहा कि हमने सबकी आयु, श्रद्धा और आदर का ध्यान रखते हुए सूची बनाई है।

राम मंदिर भूमि पूजन के संबंध में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा की हमने एक-एक व्यक्ति से टेलीफोन पर वार्ता की है। आप आ पाएंगे या नहीं आ पाएंगे, पूछा गया है जब सबका उत्तर आ गया, तब पूरी सूची तैयार की गई है।