VIDEO: गुना में फिर खू’नी संघर्ष, मुस्लिम परिवार के 8 लोगों पर ह’मला कर 300 लोगों की भी’ड़ ने जुलूस निकाल कर लगाए नारे

गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के डोबरा गांव में रविवार सुबह दो पक्षों में खू’नी सं’घर्ष हो गया जिसमें एक परिवार के 7 से 8 लोग घायल हो गए है. मामला वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर हुए वि’वाद से सुरु हुआ जो देखते ही देखते 300 से ज्यादा लोगों की भी’ड़ में बदल गया और आक्रोशीत भी’ड़ ने डंडे और पत्थर से ह’मला बोल दिया जिसमे एक ही परिवार के 7 से 8 लोग घायल हो गए है जिसमे 2 लोग गं’भीर रूप से घायल बताए जा रहे है।

मिली जानकारी के अनुसार भील समुदाय के लोगों के द्वारा वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा कर जंगल की कटाई की जा रही थी जिसका मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध किया देखते ही देखते यह वि’वाद इतना बढ़ गया कि योजनाबध्ध तरीके से 200 से 300 लोगों की भी’ड़ ने खाना खा रहे एक मुस्लिम परिवार को घेरकर उन पर ह’मला बोल दिया।

 

ह’मले में घायल हुए फारुख खान का कहना है की हमने फतेहगढ़ फॉरेस्ट रेंजर एवं थाना प्रभारी को इस मामले की जानकारी दी जिसके बाद मौके पर चलते वि’वाद ने विकराल रूप ले लिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची फतेहगढ़ थाने की पुलिस ने 4-5 राउंड फा’यरिं’ग कर भी’ड़ को खदेड़ने की कोशिश की लेकिन भी’ड़ ने पुलिस पर ही ह’मला बोल दिया जिसमे पुलिस की कई गाड़ियां फोड़ दी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला भाजपा मंत्री संजू सिसोदिया के पैतृक गाँव डोबरा का बताया जा रहा है. वही घटना के बाद भी’ड़ ने इकट्टा होकर फतेहगढ़ के बीच बाजार में जुलूस निकाल कर हिंदुस्तान जि’न्दाबाद और मुसलमान मु’र्दाबाद के नारे लगाए फ़िलहाल 4 थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच चूका है वही जिले के SP और कलेक्टर भी मौके पर पहुंच चुके हैं।

सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार फतेहगढ़ वन रेन्ज में अवैध कटाई एवम अ’तिक्र’मण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है जिसकी सूचना रेन्जर को मिलने के बाद भी रेन्जर के द्वारा सुस्त रवैया अपनाया हुआ है।

 

फतेहगढ़ समेत पूरे बमौरी विधानसभा क्षेत्र में वन भूमि पर लगातार जंगलों को साफ़ कर अ’तिक्र’मण किया जा रहा है. वन अधिकारीयों की मिली भगत से हजारों एकड़ जंगल काट कर सपाट खेती की ज़मीन में तब्दील हो चुका है. कई बार क्षेत्र के दूसरे कुछ गाँव से भी ऐसी ही घटनाओं की ख़बरें आती रहती हैं।

अधिकारीयों दवारा कार्यवाही नही करने से हालात ये हैं कि जगह-जगह सँघ’र्ष की स्थिति बनने लगी है जिससे आने वाले समय में कभी भी एक बड़ी गम्भी’र घट’ना घट सकती है।

गोरतलब है की कुछ माह के अन्दर बमौरी विधानसभा में उप चुनाव होने को हैं. और जहाँ भील और आदिवासी समुदाय के लोगों की तादाद
काफी ज़्यादा हैं, अगर ऐसे हालात रहे तो इसका सीधा प्रभाव इस उपचुनाव में देखने को मिल सकता है।