अगर आज डॉक्टर कफील खान जेल से बाहर होते, तो कोरोना वायरस से जूझ रहे लोगों का इलाज करने में सबसे आगे होते

डॉ कफील खान काफी समय से जेल की चार दीवारों में बंद है, सोशल मीडिया पर उनकी रिहाई को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं लेकिन इसके बाद भी सरकार और कोर्ट एक सुनने को तैयार नहीं हैं. पिछली कुछ तारीखों पर तो उनके केस की सुनवाई तक नहीं हो पाई हैं. ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग उन्हें लगातार याद कर रहे है और उनकी रिहाई की गुहार लगा रहे हैं.

ऐसे ही एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर आज डॉ. कफील जेल से बाहर होते तो कोरोना वायरस से जूझ रहे लोगों का इलाज करने में सबसे आगे होते क्योंकि वो उस वक्त भी बच्चों को बचाने में सबसे आगे रहे थे.

अगर हम डॉक्टर कफील खान के इतिहास पर नजर डाले तो देखते है कि जहां भी लोग मुसीबत में फंसे हो, डॉक्टर कफील उनकी मदद के लिए हमेशा सबसे आगे होते है. सोशल मीडिया पर डॉ. कफील की गोरखपुर में बच्चों को बचाने वाली तस्वीर आज भी वायरल हो रही हैं.

डॉ. को मानवता और इंसान की ढा’ल कहा जाता हैं क्योंकि वो हर बीमारी से हमारी रक्षा एक मजबूत ढाल की तरह करते हैं लेकिन डॉ कफील खान को उनके इस नेक काम के बदले एनएसए लगाकर जे’ल में डाल दिया गया.

जिस तरीके से डॉ. कफील को जेल में डाला गया है जो समझ से परे हैं, कफील का ऐसा कोई इतिहास नहीं हैं. उनकी वहीं यही खता हैं कि उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जाकर केंद्र सरकार के म’हत्वकां’क्षी बि’ल नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ भाषण दिया था.

एक तरफ जहां नेता किसी के खिलाफ बोलकर चुनाव जीत जाते हैं, वहीं डॉ. खान को अपने भा’षण की कीमत जेल में जाकर चुकानी पड़ी. इतना ही नहीं इस भाषण के चलते उन पर दे’श द्रो’ह में लगने वाली धा’रा एनएसए लगा दी गई. एनएसए लगाते हुए कहा गया कि डॉ कफील खान से लॉ’यन ऑ’र्डर को खत’रा है.

गोरखपुर में 10 अगस्त 2017 को एक हॉस्पिटल में 60 बच्चों की जा’न चली गई थी. इस दौरान खान एक फ़रिश्ते की तरह सामने आने और उन्होंने बच्चों के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम किया था और हॉस्पिटल में जो बच्चे बीमार थे उन्हें बचाने में कामयाब रहे. लेकिन बाद में उन्हें जे’ल में बंद कर दिया गया.

कई बच्चों की जिं’दगी बचाने वाले डॉ. तो सम्मानित किया जाना चाहिए था लेकिन इसकी जगह उन पर जां’च बिठाई गई. बाद में जांच टीम ने डॉ कफील खान को निर्दोष साबित कर दिया. सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे है कि बच्चे की जा’न बचाने वाले एक डॉ. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख’त’रा कैसे हो सकते हैं.