VIDEO: अजीम प्रेमजी के बेटे रिशद प्रेमजी ने मजहब की दीवारें तोड़ अदिति से रचाई थी शादी, विप्रो के चेयरमैन की है जिम्मेदारी

VIDEO: अजीम प्रेमजी के बेटे रिशद प्रेमजी ने मजहब की दीवारें तोड़ अदिति से रचाई थी शादी, विप्रो के चेयरमैन की है जिम्मेदारी

आईटी सेक्टर के दिग्गज अजीम प्रेमजी अक्सर ही अपने सामाजिक कार्यों के चले चर्चा में बने रहते हैं. प्रेमजी की कंपनी विप्रो की कमान अब उनके बेटे रिशद प्रेमजी के हाथों में पहुंच गई हैं जो कंपनी को नई बुलंदियां पर ले जाने में जुट गए हैं. देश के युवा उद्यमियों में शामिल रिशद प्रेमजी इससे पहले चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर के तौर पर भी काम कर चुके हैं. इसके अलावा वो इन्वेस्टर रिलेशंस और सरकार से जुड़े मामले भी संभाल चुके हैं.

इतना ही नहीं उन्होंने 2018-19 के बीच NASSCOM के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी भी संभाली थी. वैसे तो रिशद प्रेमजी के कारोबारी पहलुओं पर अक्सर ही चर्चा होती रहती हैं लेकिन उनकी निजी जिंदगी से जुडी कई बातों पर चर्चा नहीं होती हैं. आज हम आपको रिशद प्रेमजी की निजी लाइफ के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं.

आपको बता दें कि रिशद प्रेमजी ने मजहब की दीवार को तोड़ते हुए अपनी बचपन की दोस्त रही अदिति से साल 2005 में शादी की थी. रिशद भी अपने पिता अजीम प्रेमजी की तरह ही सादगी पसंद व्यक्ति है. इसी के चलते उन्होंने बेहद सादे तरीके के एक समारोह में अगस्त 2005 में अदिति से शादी की थी.

रिशद प्रेमजी और अदिति के दो बच्चे हैं, रोहन और रिया. पढ़ने और म्यूजिक सुनने के बेहद शौकीन रिशद प्रेमजी ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से अपनी पढाई की हैं. विप्रो से जुड़ने से पहले वो अमेरिकी मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कंपनी बेन ऐंड कंपनी से भी जुड़े थे.

कहा जाता है कि अजीम प्रेमजी ने अपने बच्चों की परवरिश उन्ही मूल्यों के तहत की है, जिन में वो खुद यकीन रखते हैं. इसी से एक किस्सा भी जुड़ा हुआ हैं. जब उस वक्त की है जब रिशद लंदन में थे तो उन्होंने पिता अजीम प्रेमजी से विप्रो के गेस्टहाउस में रुकने की अनुमति मांगी. लेकिन अजीम प्रेमजी ने उन्हें परमिशन देने से इनकार करते हुए कहा कि वह कंपनी की संपत्ति है.

विप्रो की वेबसाइट के अनुसार रिशद अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के भी बोर्ड का हिस्सा हैं. इसी फाउंडेशन के जरिए विप्रो ग्रुप सामाजिक कार्य संपन्न करता हैं. यह फाउंडेशन देश भर में चल रहे सरकारी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर काम करता हैं.

देश के सात राज्यों में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा 3,50,000 से अधिक सरकारी स्कूलों के साथ मिलकर काम किया जा रहा हैं. आपको बता दें कि हाल ही में कोरोना वायरस संकट के समय भी विप्रो मदद करने के लिए आगे आई थी और विप्रो और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने 1125 करोड़ रुपये राशि दान की थी.

साभार- जनसत्ता