किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव गिरफ्तार

किसान आंदोलन को अखिलेश यादव का समर्थन, योगी सरकार ने किया नजरबंद अखिलेश बोले द'म्भी सरकार

लखनऊ, 7 दिसम्बर 2020: किसान आंदोलन को चलते हुए अब हफ्ते भर से ज्यादा का समय बीत चुका है। और देखते ही देखते देश के दिग्गज किसान आंदोलन में उतरते जा रहे हैं। बॉलीवुड से लेकर राजनीति तक की बड़ी हस्तियां किसानों को समर्थन देती हुई दिखाई दे रही है। अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी किसानों के समर्थन में उतर आए हैं।

बता दें कि इन दिनों देश भर के किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। वहीं पंजाब और हरियाणा के किसान सिंधु बॉर्डर पर डटे हुए हैं। किसान नेताओं की सरकार से हुई सभी वार्ताएं लगभग बेनतीजा रहीं है और अब किसानों की मांग है। कि जब तक केंद्र सरकार इन काले कानूनों को वापस नहीं ले लेती वे सड़क से नहीं हटने वाले नहीं है।

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वहीं सरकार किसानों को लगातार समझाने में लगी है कि यह तीनों कृषि कानून एक नया बदलाव लेकर आएंगे और किसानों को सशक्त बनाएंगे लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

अब अखिलेश यादव ने किसानों के समर्थन में उतरने का फैसला किया है और इसके लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज से किसान यात्रा शुरू करने का भी निर्णय लिया था. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के किसानों को समर्थन देते ही योगी सरकार ने एक्शन लिया है। बता दें कि अखिलेश यादव ने कन्नौज से किसान यात्रा शुरू करने की बात कही थी जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें अपने घर में नजरबंद कर दिया है।

अखिलेश यादव के निजी आवास और सपा कार्यालय को बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया गया है. साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि सपा के कार्यकर्ता 7 दिसंबर से किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए सड़क पर किसानों के साथ रहेंगे।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपा कार्यालय को सील किए जाने के बाद सपा ने योगी सरकार पर निशा’ना साधा है। उन्होंने ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि ‘समाजवादियों को गिरफ्तार किसानों का साथ देने से नहीं रोक पाएगी दम्भी सरकार. समाजवादी पार्टी के सभी नेता अपने-अपने गृह जनपदों में किसान यात्रा जारी रखेंगे

वही साथ ही सपा अध्यक्ष ने भी योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि क़दम-क़दम बढ़ाए जा, दंभ का सर झुकाए जा, ये जंग है ज़मीन की, अपनी जान भी लगाए जा। ‘किसान-यात्रा’ में शामिल हों।