अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में टूटेगा 56 साल का रिकॉर्ड, लाल बहादुर शास्त्री के बाद पीएम मोदी ऐसे प्रधानमंत्री होंगे

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर तारिक मंसूर ने विश्वविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने की मंजूरी देने के लिए पीएम मोदी का आभार जताया.

देश के कुछ चर्चित विश्वविद्यालय जिन की खबरें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। चाहे वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) हो या अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) लेकिन आज हम बात देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) की नहीं वल्कि एएमयू यानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (Aligarh Muslim University) की करने वाले हैं।

एएमयू अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एक ऐसा विश्वविद्यालय जिसकी खबरें लगातार अखबारों से लेकर टीवी और सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं लेकिन अब एएमयू के इतिहास में कुछ ऐसा होने जा रहा है जिसने सभी को चौंका दिया है। आपको बता दें इस साल अलीगढ़ यूनिवर्सिटी (AMU) अपनी स्थापना के 100 बरस पुरे करने जा रहा है।

टूटेग का 56 साल का रिकॉर्ड:-

AMU

दरअसल 22 दिसंबर के दिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अपना स्थापना दिवस मना रहा है जिसमें बतौर मुख्य अतिथि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रधानमंत्री के शामिल होने की खबर ने सभी को चौंका दिया है। क्योंकि एएमयू के इतिहास में यह 56 साल बाद हो रहा है जब कोई प्रधानमंत्री विश्वविद्यालय के किसी समारोह में शामिल होने जा रहा है।

आपको बता दें इससे पहले 1964 में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री विश्वविद्यालय के एक समारोह में शामिल हुए थे लेकिन इसके बाद कभी ऐसा नहीं हुआ कि देश के प्रधानमंत्री विश्वविद्यालय के किसी समारोह में शामिल हुए हों और अब 56 साल बाद यह रिकॉर्ड टूटने वाला है।

बता दें कि 22 दिसंबर के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्वविद्यालय के इस कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़ेंगे वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल भी विश्वविद्यालय के इस कार्यक्रम में उनके साथ होंगे।

CAA- NRC के खिलाफ हुए थे एएमयू में विरो’ध प्रदर्शन:-

AMU CAA Protests

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र देश में चल रहे किसी भी मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते हैं और यही नहीं वे अधिकारों का हनन होते हुए देख विरोध प्रदर्शन पर भी उतर आते हैं।

हाल ही में किन सरकार द्वारा लाए गए सीएए और एनआरसी के खिलाफ एएमयू के विद्यार्थी खुलकर सामने आए थे जिस की खबरें लगातार सुर्खियों में बनी रही थी यही नहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार एएमयू पर तीखे हम’ले भी करते रहते हैं।

लेकिन अब विश्वविद्यालय के इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने जा रहे हैं हालांकि इससे पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि स्थापना दिवस के इस समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि हो सकते हैं।