यूएई में भारतीय बिजनेसमेन बीआर शेट्टी कंगाल, सारी संपत्ति जब्त, कंपनियों को किया ब्लैक लिस्ट

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सबसे बड़ी हेल्थकेयर कंपनी के मालिक बी. आर. शेट्टी एक झटके में अर्श से फर्श पर आ गए है. यूएई में भारतीय मूल के अरबपति शेट्टी की कंपनियां सिर्फ पांच अरब डॉलर के कर्ज में डूबी हैं, बल्कि इनके खिलाफ फर्जीवाड़े की जांच भी की जा रही है और उनकी कंपनियों के शेयरों को स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार करने पर रोक लगा दी गई है.

बीआर शेट्टी की अबु धाबी स्थित कंपनी एनएमसी हेल्थ के शेयरों में दिसंबर मध्य से 70 प्रतिशत की गिरावट आई थी. क्योंकि अमेरिका की एक निवेशक कंपनी ने एनएमसी पर कर्ज के बावजूद संपत्ति के लिए ज्यादा भुगतान करने और नकद राशि देने का आरोप लगाया है. दरअसल, शेट्टी के पास 1.6 बिलियन डॉलर यानि (1,14,51,68,80,000 ) रुपये की संपत्ति है जो अब मुश्किल में पद गई गई हैं।

संयुक्त अरब अमीरात के सेंट्रल बैंक (CBUAE) ने देश में वित्तीय संस्थानों को भारतीय अरबपति बीआर शेट्टी और उनके परिवार के सभी बैंक खातों की खोज करने और उन्हें फ्रीज करने के आदेश दिए हैं और उनके पूरे वरिष्ठ प्रबंधन के साथ उनसे जुड़ी कई फर्मों को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है।

गल्फ न्यूज की खबर के अनुसार, CBUAE ने सभी वित्तीय संस्थानों को निर्देश किया है कि वे शेट्टी के खातों से स्थानान्तरण को रोकें और जमा बॉक्स तक पहुंच से वंचित करें. पिछले हफ्ते एक एडवाइजरी जारी करते हुए, शीर्ष बैंक ने फेडरल अटॉर्नी जनरल के फैसलों का हवाला दिया और वित्तीय संस्थानों को शेट्टी या उनके परिवार के सदस्यों के नाम से किसी भी बैंक खाते, जमा या निवेश को खोजने और फ्रीज करने के लिए कहा गया है।

वही इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने वेबसाइट अरेबियन बिजनस को जानकारी दी है कि एनएमएसी हेल्थ तथा यूएई एक्सचेंज कंपनियों के खिलाफ मामलों का सामना कर रहे भारतीय मूल के अरबपति बी .आर. शेट्टी भारत में हैं. सूत्रों ने बताया, लंबे वक्त से वह यूएई में नहीं हैं. मेरे हिसाब से वह लगभग एक महीने से देश में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि शेट्टी तथा उनकी कंपनी एनएमसी के खिलाफ कम से कम पांच मामले चल रहे हैं।

शेट्टी के बिजनस को तब करारा झटका लगा, जब वह पिछले साल दिसंबर में मड्डी वाटर रिसर्च के फाउंडर तथा शॉर्ट सेलर कारसन ब्लॉक ने अपनी एक रिपोर्ट में एनएमसी हेल्थ पर संपत्ति का फर्जी आंकड़ा देने तथा कंपनी की संपत्तियों की चोरी का आरोप लगाया।

इसके महज तीन महीने के बाद ही एनएमसी के शेयरों को लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार करने से रोक लगा दी थी और दो सप्ताह पहले इसने घोषणा की कि शेट्टी के उपर लगभग 5 अरब डॉलर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है।

बता दें यूएई में हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काफी संपत्ति बनाने वाले 77 साल के शेट्टी पहले भारतीय हैं. जिन्होंने 1970 में एनएमसी हेल्थ की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर साल 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने से पहले देश की अपने तरह की पहली कंपनी बनी।

70 के दशक में शेट्टी महज आठ डॉलर लेकर यूएई पहुंचे थे और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की थी. बता दे इससे पहले बीआर शेट्टी का आरएसएस (RSS) से भी लिंक सामने आया था वहीं दुबई में मंदिर निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी।

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