तब्लीगी जमात के इन सभी आरोपियों पर से दिल्ली न्यायालय ने हटाये सभी आरोप, बाइज्ज़त बरी किया

तब्लीगी जमात के इन सारे आरोपियों पर से दिल्ली न्यायालय ने हटाये सभी आरोप, बाइज्ज़त बरी किया.

भारत सहित लगभग पूरी दुनियां लगभग एक वर्ष से कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। सभी लोगों को मास्क पहनने और अपने घरों में रहने की हिदायत भी दी गई थी। लेकिन दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी जमात के कार्यक्रम को कोरोना महामा’री के विस्तार का एक बड़ा समूह माना गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगों के खिलाफ राष्ट्र के विभिन्न भागों में मामले दर्ज किए गए थे।

दिल्ली की ‘साकेत अदालत’ ने देश में कोरोना म’हामा’री को मद्देनजर रखते हुए जारी सरकारी दिशा- निर्देशों का पालन नहीं करते हुए कथित तौर पर तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आरोपों का सामना कर रहे 36 विदेशियों को 15 दिसंबर, मंगलवार को बरी कर दिया। 14 देशों के विदेशियों को मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ‘अरुण कुमार गर्ग’ ने सभी आरो’पों से बरी कर दिया है।

tablighi jamaat

आपको बता दें अदालत ने कोई भी ठोस सबूत नहीं मिलने पर छह देशों से आए आठ विदेशी नागरिकों को भी आरोपों से मुक्त कर दिया था। उनके खिलाफ भी आरोप पत्र जारी किए गए थे। कोविड-19 के मद्देनजर जारी सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण वीजा नियमों को कथित तौर पर नहीं मानने, मिशनरी गतिविधियों में हिस्सा लेने की वजह से निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शिरकत करने वाले सभी विदेशियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

इससे पूर्व में मुंबई के बांद्रा की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने भी तबलीगी जमात से जुड़े 20 विदेशी नागरिकों को बरी कर दिया था। अदालत ने 24 अगस्त को भारतीय दं’ड सं’हिता की धारा 188 (सरकारी सेवक द्वारा लागू आदेश का पालन नहीं करना) 269 (संक्र’म’ण फैलाने के लिए लापरवा’ही भरा कृ त्य करना) और म’हामा’री कानून की धारा तीन नियमों को नहीं मानना के तहत विदेशियों के खिलाफ आरोप निर्धारित हुए थे।

वही आपदा प्रबंधन कानून 2005 की धारा 51 के तहत भी उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे। विदेशी कानून की धारा 14 1, बी वीजा नियमों का उल्लंघन, आईपीसी की धारा 270 सं’क्रम’ण फैलाने के लिए गैर जिम्मेदारी का काम करना और 271 अपने घरों में अलग रहने के नियमों को नहीं मानने के कारण के तहत सभी को आरोपों से मुक्त कर दिया गया।