रिपब्लिक टीवी और Zee ग्रुप का एक और नया कारना’मा, सरकार को लगा डाला 52 करोड़ का चू’ना

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इन दो नेटवर्क्स ने दूरदर्शन की डीटीएच सेवा का गैर-कानूनी रूप से नि.शुल्क प्रयोग किया.

रिपब्लिक टीवी इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला हिंदी न्यूज़ चैनल है। हाल ही में रिपब्लिक टीवी के editor-in-chief अर्णब गोस्वामी को एक पुराने मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया था हालांकि कुछ ही दिनों में उन्हें जमानत भी मिल गई थी लेकिन अब रिपब्लिक टीवी का एक और नया कारना’मा सामने आया है जिसमें उन्होंने सरकार को ही चु ना लगा दिया।

आपको बता दें की रिपब्लिक टीवी 2017 में शुरू हुआ था शुरू में यह दूरदर्शन की फ्री डिश सर्विस डी टी एच पर 31 अन्य चैनलों के साथ प्रसारित होता था। लेकिन अब इसका एक नया घोटाला सामने आया है जिसमें सिर्फ रिपब्लिक टीवी ही नहीं बल्कि जी समूह का भी हाथ है। आपको बता दें कि डीडी फ्री डिश भारत सरकार की निशुल्क प्रसारण डीटीएच सेवा है।

अर्नब गोस्वामी के नाम पत्र

न्यूज लॉन्ड्री की खबर के अनुसार, डीटीएच फ्री सर्विस में रिपब्लिक भारत के साथ 31 अन्य चैनलों का प्रसारण होता था अब उसमें यह बात सामने आ रही है कि रिपब्लिक टीवी के अलावा जिन 31 चैनलों का प्रसारण हो रहा था वह सभी चैनल जी ग्रुप के ही थे। ऐसे में रिपब्लिक टीवी और जी ग्रुप सरकार की फ्री डिश सेवा का दोहन कर रहे थे लेकिन यह बहुत ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाला था।

बता दें कि डीडी फ्री डिश पर प्रसारण के लिए चैनलों को पहले नीला’मी में शामिल होना होता है और करोड़ों रुपए की फीस देनी होती है लेकिन रिपब्लिक टीवी और जी ग्रुप दूरदर्शन को चकमा देकर फ्री डिश का उपयोग कर रहे थे।

लेकिन यह घोटा’ला जब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की नजरों में आया तो उसने तुरंत दूरदर्शन के लिए पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि रिपब्लिक टीवी डीडी फ्री डिश पर गैर कानूनी रूप से उपलब्ध है। वही दूसरी तरफ रिपब्लिक टीवी भी खुद को डीडी फ्री डिश पर होने का दावा कर रहा था ऐसे में दूरदर्शन के ऊपर सवाल खड़ा हो गया।

जिसके बाद दूरदर्शन ने रिपब्लिक टीवी के एक ट्वीट का हवाला देते हुए रिपब्लिक टीवी की सीईओ विकास खानचंदानी और मैनेजिंग डायरेक्टर अर्णव गोस्वामी से पूछा कि उन्होंने आधा’रों पर दावा किया कि उनका चैनल डीडी फ्री डिश पर उपलब्ध है। लेकिन तब तक रिपब्लिक टीवी और ज़ी ग्रुप मिलकर सरकार को 52 करोड़ का चू ना लगा चुके थे।

वहीं अब इस मामले पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नज़र रखे हुए है सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में प्रसारण नीति और विधान के उप सचिव मनोज कुमार निर्भीक ने एक पत्र में जिक्र किया कि डिश टीवी दिशा’निर्दे’शों का उल्लंघ’न कर रहा है, लेकिन अब मंत्रालय इस पर पूरी नजर रखे हुए है।