VIDEO: कभी आगे पीछे घूमते थे फ़िल्मी सितारे, आज आर्थिक तंगी के कारण फुटपाथ पर बेच रहे है सब्जी

VIDEO: कभी आगे पीछे घूमते थे फ़िल्मी सितारे, आज आर्थिक तंगी के कारण फुटपाथ पर बेच रहे है सब्जी

कोरोना वायरस महा’मारी और इस पर रोक के उद्देश्य से लगाए गए 6 महीने से भी अधिक के लॉकडाउन ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तो’ड़ कर रख दी है. बिना योजना के लगाए गए लॉकडाउन के चलते करोड़ों लोगों के रोजगार छीन गए है. जीडीपी गिर कर माइनस 23 पर आ गई हैं. इस सबसे फिल्म और टीवी इंडस्ट्री भी प्रभावित हुए है. छोटे पर्दे के मशहूर शो बालिका वधु, कुछ तो लोग कहेंगे जैसे सीरियल के डायरेक्टर को भी आर्थिक तं’गी का सामना करना पड़ रहा हैं.

मशहूर टीवी सीरियल बालिका वधु के डायरेक्टर रामवृक्ष गौड़ आज अपने परिवार का पेट पालने के लिए सब्जी बेचकर गुजारा कर रहे हैं. आजमगढ़ जिले के निजामाबाद कस्बे के फरहाबाद के रहने वाले रामवृक्ष साल 2002 में अपने मित्र साहित्यकार शाहनवाज खान की मदद के बाद मुंबई पहुंचे थे.

इसके बाद उन्होंने खुद को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिए काफी मेहनत की. शुरू में उन्होंने लाइट विभाग में काम किया, इसके बाद टीवी प्रोडक्शन में भाग्य आजमाया. धीरे-धीरे जब उनका अनुभव बढ़ने लगा तो उन्हें बतौर निर्देशन मौका मिल गया. निर्देशन का काम रामवृक्ष को काफी पसंद आ गया.

इसके बाद उन्होंने इसी क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने का फैसला किया. पहले उन्होंने कई सीरियल के प्रोडक्शन में बतौर सहायक निर्देशक काम करना शुरू किया, इसके बाद वो एपिसोड डायरेक्टर बने और फिर यूनिट डायरेक्टर का काम मिला. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

रामवृक्ष कहते हैं कि उन्होंने बालिका वधु में बतौर यूनिट डायरेक्टर काम किया. इसके बाद उन्होंने इस प्यार को क्या नाम दूं, कुछ तो लोग कहेंगे, झटपट चटपट, हमार सौतन हमार सहेली, सलाम जिंदगी, थोड़ी खुशी थोड़ा गम, पूरब पश्चिम, जूनियर जी, हमारी देवरानी जैसे कई धारावाहिकों में भी काम किया.

 

रामवृक्ष ने बताया कि उन्होंने यशपाल शर्मा, राजपाल यादव, रणदीप हुडा, सुनील शेट्टी की फिल्मों में भी सहायक निर्देशन का काम किया हैं. आने वाले दिनों में एक भोजपुरी और एक हिंदी फिल्म का काम उनके पास हैं लेकिन यह दोनों प्रोजेक्ट कोरोना के चलते अटके हुए है.

रामवृक्ष बताते हैं कि मुंबई में उनका खुद का मकान हैं लेकिन उनका परिवार दो साल पहले बीमारी के कारण घर आ गया था. एक फिल्म की रेकी के लिए वो आजमगढ़ आए थे और तभी लॉकडाउन लग गया और इसके बाद उनकी वापसी नहीं हो सकी. काम भी बंद है तो आर्थिक सं’कट खड़ा हो गया. इसी के चलते उन्हें सब्जी बेचकर अपना घर चलाना पड़ रहा है.