अरविन्द केजरीवाल के दांव से भाजपा को फिर लगा झटका, शून्य बिजली का बिल के बाद..

दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सभी पार्टीयां जनता को लुभाने के लिए तरह-तरह के वादे कर रहे है। वहीं दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के द्वारा दिल्लीवासियों को बिजली और पानी पर दी जा रही सब्सिडी इस चुनाव में कारगर साबित हो सकती है। प्रमुख और दिल्ली के सीएम केजरीवाल के द्वारा पिछले चुनाव से पहले प्रतिमाह 200 यूनिट बिजली और 20 हजार लीटर पानी मुफ्त देने का वादा कर चुनाव में भारी जीत हासिल किया था।

इस बार फिर से AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने चुनाव से पहले प्रतिमाह बिजली पर 201 से 400 यूनिट तक के बिल पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने की बात कही है। केजरीवाल ने ये घोषणा कर इस चुनाव में एक नयी चाल चली है जो कारगर होते दिख रहा है।दिल्ली में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनको बिजली बिल शून्य हैं। हलाकि इस लेकर लोगों में उत्साह भी देखने को मिल रहा है।

शून्य बिजली का बिल क्या जीतेगा दिल्ली मतदाताओं का दिल?

वही दिल्ली बदरपुर इलाके में किराना दुकान चलाने वाले टीएन मिश्र बताते हैं कि इस बार उनका बिजली का बिल शून्य आया है। वो कहते हैं कि यहां बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें बिजली बिल शून्य आया है। उधर उत्तम नगर के ककरौला की सोनी बताती है कि उनका भी बिजली बिल शून्य आया है। उन्होंने कहा की हमारे कॉलनी में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका बिजली बिल या तो शून्य आया है या न के बराबर आया है।

उधर पानी के बिल को लेकर कहा कि पानी का बिल तो आता हीं नहीं है। इस चुनाव में वोट करने को लेकर तो ये लोग कुछ नहीं बोले लेकिन इनके बातचित में बिजली और पानी पर दिये गये सब्सिडी का असर साफ तौर पर दिखता है। उधर भाजपा के नेता भी इस सब्सिडी को चुनाव से जोड़कर देख रहे है।

सब्सिडी पर दिल्ली सरकार को 1800 से 2000 करोड़ का खर्च

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार के द्वारा बिजली पर दी गई सब्सिडी पर एक नजर डाले तो 200 यूनिट तक के खपत पर कोई भी बिल नहीं देना पड़ता है। जबकि पहले इसके 622 रूपय देने पड़ते थे। उस तरह 250 यूनिट के लिए पहले 800 रूपय देना पड़ता था। अब 252 रुपय देना पड़ता है। सब्सिडी से जनता को लाभ हुआ है।

बता दें कि बिजली सब्सिडी पर दिल्ली सरकार 1800 से 2000 करोड़ रूपय खर्च कर रही है।

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