गुजरात में कथावाचक मोरारी बापू पर पूर्व बीजेपी विधायक ने की ह’मले की कोशिश

सोशल मीडिया पर मशहूर कथावाचक मोरारी बापू पर हम’ले का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह वीडियो 18 जून का है, गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर में कथावाचक मोरारी बापू पर कथित तौर पर ह’मले की कोशिश की गई. मोरारी बापू पर ह’मले का आरोप बीजेपी के पूर्व विधायक पबुभा माणेक पर लगाया जा रहा है. यह सब उस समय हुआ जब वह मीडिया से बात कर रहे थे.

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लल्लनटॉप के अनुसार जब मोरारी बापू मीडिया से बातचीत कर रहे थे तभी बीजेपी के पूर्व विधायक पबुभा माणके तेजी से उनकी तरफ बढ़े. लेकिन मोरारी बापू के दाहिनी ओर बैठीं जामनगर की बीजेपी सांसद पूनम माडम ने बीचबचाव करके पूर्व बीजेपी विधायक को रोक लिया.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पूर्व विधायक पबुभा माणेक का कहना है कि कृष्ण और बलराम पर मोरारी बापू ने आपत्तिजनक टिप्पणी की जिसके चलते अहीर समाज में गुस्सा और नाराजगी है.

बताया जा रहा है कि माणेक कमरे में नारे लगाते हुए दाखिल हुए थे. वहीं झड़प की स्थिति बनती देख मौके पर मौजूद लोगों ने पूर्व बीजेपी विधायक को पीछे की तरफ धकेला और उन्हें समझाकर मोरारी बापू से दूर ले गए.

हालांकि कुछ समय बाद माणेक ने सफाई देते हुए कहा कि मैं बस बापू से कहना चाहता था कि उन्होंने ऐसे शब्द क्यों कहे और उन्हें यह सब कहा से पता चला? जब तक मैं उनके पहुंच पाता उससे पहले ही उनके समर्थकों ने यह सोचकर कि मैं उन पर हम’ला करने आया हूँ मुझे दूर ले गए.

वहीं मोरारी बापू पर हम’ले के प्रयास की निंदा करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि द्वारका में भारत के गणमान्य संत पूज्य मोरारी बापू के साथ हुए घटना से मैं काफी दुखी हूँ. आज भगवान द्वारकाधीश का दर्शन करने के बाद मोरारी बापू ने द्वारकाधीश और समग्र अहीर समाज से क्षमा मांग ली है उसके बाद उन पर इसी बात को लेकर हम’ले का प्रयास अशोभनीय और निंदनीय हैं.

वहीं गुजरात से कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने कहा कि मैं मोरारी बापू पर हम’ले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. कोई भी किसी के भी विचार से असहमत हो सकता है लेकिन इसके लिए हमारे समाज में हिं’सा का कोई स्थान नहीं है.

आपको बता दें कि पीटीआई के अनुसार कथित तौर पर मोरारी बापू ने कहा था कि श्रीकृष्ण अपनी ही जगह द्वारका में धर्म की स्थापना करने में नाकाम रहे. उन्होंने कथित तौर पर बलराम को शराब से भी जोड़ा था. इसे लेकर काफी बड़ा बावल खड़ा हो गया था. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद मोरारी बापू ने माफी भी मांगी थी.