कश्मीर की बेटी बनी सबसे कम उम्र की महिला पायलट, 16 साल की उम्र में हासिल किया लाइसेंस

आयशा अजीज (Ayesha Aziz) सबसे कम उम्र की महिला पायलट ने कहा कि कश्मीरी महिलाओं (Kashmiri woman) ने पिछले कुछ वर्षों में बहुत प्रगति की है और शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण रूप से अच्छा किया है.

यूं तो आज 21वीं सदी की दुनिया में महिलाएं, पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है वे पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं और कहीं-कहीं तो उनका योगदान पुरुषों से भी आगे चला जाता है लेकिन फिर भी बात देश के एक ऐसे संवेदनशील इलाके की हो तो दिलचस्पी थोड़ी बढ़ जाती है क्योंकि अक्सर इस इलाके यानी कश्मीर से खबरें तो खूब आती है।

लेकिन कश्मीर के नागरिकों की निजी जिंदगी के बारे में देश और दुनिया के लोग कम ही परिचित हो पाते हैं. ऐसे में आज हम बात कर रहे हैं कश्मीर की एक बेटी आयशा अजीज की जिस पर ना सिर्फ कश्मीर को गर्व है बल्कि उन्होंने भारत का सर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

देश की सबसे कम उम्र की महिला पायलट बनी आयशा

बता दें कि कश्मीर की रहने वाली 25 साल की आयशा एयर इंडिया की फ्लाइट उड़ाने के साथ ही सबसे कम उम्र की महिला पायलट बन गई हैं। आयशा को बचपन से ही हवाई यात्रा करना बेहद पसंद था इसके चलते उन्होंने मुंबई के फ्लाइंग क्लब से पायलट की ट्रेनिंग ली जहां पर उन्होंने जमकर पढ़ाई की। बता दें कि आयशा पूरे सप्ताह स्कूल जाती थी और वे वीकेंड पर विमान उड़ाती थीं।

आयशा को सिंगल इंजन का सेसना 152 और 172 एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव है। जब आयशा ने अपनी 200 घंटों की उड़ान पूरी कर ली तो उन्हें कमर्शियल पायलट का लाइसेंस दिया गया जिसके बाद वे अब सबसे कम उम्र की महिला पायलट बनी हैं। आयशा अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं।

16 साल की उम्र में ही मिल गया था स्टूडेंट पायलट लाइसेंस

बता दें कि आयशा हवाई यात्रा करने का बेहद शौक रखती हैं ऐसे में जब उनका यह शौक पूरा हुआ तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। आयशा कहती है कि उन्हें हवाई यात्रा करना और नए नए लोगों से मिलना बहुत पसंद है जिसके चलते उन्होंने एक पायलट बनने का निर्णय किया।

उनका कहना है कि पायलट बनने के लिए सबसे पहले मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है। बता दें कि आयशा का पायलट बनने का जज्बा इस कदर था कि उन्होंने महज 16 साल की उम्र में स्टूडेंट पायलट का लाइसेंस हासिल कर लिया।

कश्मीरी महिलाओं पर बोलीं आयशा

वहीं कश्मीरी महिलाओं पर आयशा ने कहा कि पिछले कुछ समय से कश्मीरी महिलाओं ने काफी प्रगति की है और शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने असाधारण रूप से अच्छा काम किया है।

उन्होंने कहा कि नौकरी और एक गतिशील काम के माहौल के लिए विषम परिस्थितियों के बावजूद वे जिंदगी में चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार थी और उसी की बदौलत आज उन्होंने यह मुकाम पाया है।