अयोध्या: धनीपुर में बनने वाली मस्जिद को लेकर आई बड़ी खबर, काबा के आकार...

अयोध्या: धनीपुर में बनने वाली मस्जिद को लेकर आई बड़ी खबर, काबा के आकार…

सुप्रीम कोर्ट से ह’री झंडी मिलने के बाद अयोध्या में वि’वा’दित बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो चूका है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मुस्लिम पक्ष को बाबरी मस्जिद के बदले में अयोध्या में दूसरी जगह देने के निर्देश दिये थे. जिसके बाद सरकार ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के निर्माण के लिए 5 एकड़ की जमीन मुहैया कर दी है. जिस पर जल्द ही मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है.

धनीपुर में बनाई जा रही इस मस्जिद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह मस्जिद मक्का के काबा शरीफ की तरह चौकोर आकार की हो सकती है.

इंडिया डॉट कॉम पर प्रकाशित एक खबर के मुताबिक इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (आईआईसीएफ) के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन ने जानकारी देते हुए कहा है कि धनीपुर गांव में 15 हजार वर्ग फीट की एक मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि इस मस्जिद का साइज बाबरी मस्जिद के बराबर ही होगा लेकिन आकार में यह अन्य मस्जिदों की तुलना में पूरी तरह अलग हो सकती है. वास्तुकार एस.एम. अख्तर द्वारा दिए गए संकेत के अनुसार यह मक्का के काबा शरीफ की तरह चौकोर हो सकती है.

उन्होंने बताया कि इस मामले में मस्जिद के शिल्पकारों को पूरी छूट दी गई है. हुसैन ने कहा ट्रस्ट ने तय किया है कि इस मस्जिद का नाम ना तो बाबरी मस्जिद होगा और ना ही किसी दुसरे सम्राट या फिर बादशाह के नाम पर रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि मेरी निजी राय में इसका नाम धनीपुर मस्जिद ही सही रहेगा.

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट अपना पोर्टल बना रहा है, जिससे लोग मस्जिद, संग्रहालय, अस्पताल और अनुसंधान केंद्र के निर्माण के लिए दान दे सकें. यह सभी सुविधाएं परिसर के अंदर निर्मित की जाएगी. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय इस्लामिक विद्वानों के आर्टिकल भी पोर्टल पर दिखेंगे.

उन्होंने बताया कि पोर्टल का थोड़ा काम ही शेष है इसलिए अभी तक दान प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी. आपको बता दें कि यूपी के सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने मस्जिद के निर्माण के लिए एक ट्रस्ट बनाया है. यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अयोध्या के धनीपुर गांव जो बाबरी मस्जिद से 25 किलोमीटर दूर है में मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ का भूखंड दिया है.

साभार- एनडीटीवी