अयोध्या में राम मंदिर के बाद अब मस्जिद बनाने के लिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने किया ऐलान

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू होने जा रहा है. 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए पूजा पूजन होने वाला है. एक लंबी कानूनी लड़ा;ई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या स्थित तत्कालीन विवादित भूमि को राम मंदिर निर्माण के लिए दे दिया था. इसके साथ ही कोर्ट ने इसके बदले में मुस्लिम समुदाय को अयोध्या में ही कहीं और मस्जिद के निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था.

इसी क्रम में सरकार ने मुसलमानों को मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन दे दी है, लेकिन इसके बाद से ही इस पर मस्जिद निर्माण को लेकर वैसा उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है जैसा राम मंदिर के निर्माण को लेकर देखने को मिल रहा है.

लेकिन कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के लिए मस्जिद बनाने की प्रतिक्रिया अब जाकर शुरू होने जा रही है. इसी कड़ी में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने 9 नवंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मस्जिद के निर्माण के लिए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन नाम से एक ट्रस्ट बना लिया है.

वक्फ बोर्ड ने सूचित किया है कि नवगठित ट्रस्ट में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का संस्थापक ट्रस्टी होगें और उनके साथ कुल 15 ट्रस्टी होगी जो इस मामले में आगे की रुपरेखा तैयार करेंगे.

सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर अहमद फारुकी को ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में चुना गया है जबकि अतहर हुसैन को सचिव चुना गया है. आपको बता दें कि 9 नवंबर को अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था.

अदालत ने मंदिर निर्माण के लिए विवादित भूमि हिंदू पक्षों को दे दी थी और 5 एकड़ की एक वैकल्पिक भूमि अयोध्या में उपयुक्त और प्रमुख स्थान पर केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा एक मस्जिद के निर्माण के लिए मुसलमानों को आवंटित करने के लिए कोर्ट ने निर्दश दिये थे.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानते हुए सरकार ने अयोध्या जिले में ही विवादित भूमि से 25 किलोमीटर दूर लखनऊ हाईवे पर फैजाबाद के पास 5 एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को आवंटित की थी जिसका कई मुस्लिम संगठनों ने विरोध भी किया था. उनका तर्क था कि अयोध्या से इतनी दूर जमीन देने का कोई अर्थ नहीं हैं.