‘अजीम प्रेमजी’ बने भारत के सबसे बड़े दानवीर, मुकेश अंबानी और अन्य कारोबारियों को पीछे किया

दानवीरों की लिस्ट में विप्रो के संस्थापक 'अजीम प्रेमजी' सबसे बड़े भारतीय दानवीर बने, कई दिग्गज घराने मिलकर भी बराबर नहीं कर पाए, ऐसे ही नहीं इन्हें भारत का बिल गेट्स कहा जाता.

मुंबई: आईटी की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) के संस्थापक चेयरमैन अजीम प्रेमजी (Azim Premji) भारत के सबसे बड़े दानवीर हैं. विप्रो के फाउंडर अजीम प्रेमजी और उनके परिवार ने 7,904 करोड़ रुपये के योगदान के साथ एडलगिव हुरुन इंडिया (Edelgive hurun ​​india) की परोपकारियों की सूची फिलैनथ्रॉपी लिस्ट 2020 में पहला स्थान हासिल किया है।

विप्रो के फाउंडर अजीम प्रेमजी ने पिछले वित्त वर्ष यानी 2019-20 में करीब 7,904 करोड़ रुपये दान किये हैं. हारुन इंडिया द्वारा जारी की गई इस लिस्ट से यह बात सामने आयी है. दिग्गज सूचना तकनीक कंपनी विप्रो के संस्थापक प्रेमजी ने इसी के साथ परोपकारियों की सूची में भी पहला स्थान हासिल कर लिया है।

Azim Premji

बता दें एक दिन में 22 करोड़ रुपये और एक साल में 7904 करोड़ रुपये दान करने वाले विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी वित्तीय वर्ष 2020 में सबसे बड़े भारतीय दानवीर बन गए हैं. दिग्गज सूचना तकनीक कंपनी विप्रो के संस्थापक प्रेमजी ने इसी के साथ परोपकारियों की सूची में भी पहला स्थान हासिल कर लिया है।

हलाकि इस लिस्ट में एचसीएल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक अध्यक्ष शिव नादर (Shiv Nadar) दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और सबसे अमीर भारतीय मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) परोपकारी लोगों की इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

हुरून रिपोर्ट इंडिया और एडेलगिव फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, शिव नादर और उनके परिवार ने धार्मिक कार्यो के लिए 795 करोड़ रुपये का दान दिया, था जबकि अंबानी और उनके परिवार का योगदान 458 करोड़ रुपये का रहा।

वही चौथे स्थान पर आदित्य बिड़ला के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला हैं, जबकि पांचवें स्थान पर वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल हैं. हुरून रिपोर्ट इंडिया और एडेलगिव फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष परोपकारी लोगों में 36 नामों के साथ मुंबई शहर सबसे ऊपर है, जबकि दिल्ली और बेंगलुरू दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

आपको बता दें भारत में दान दाताओं द्वारा हमेशा से ही शिक्षा के क्षेत्र में सहायता प्रदान की गई है. इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में दान में बढ़ोतरी देखी गई है. जिसमें सबसे ऊपर विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी का नाम आता है।

एडलगिव फाउंडेशन की चेयरपर्सन विद्या शाह ने कहा, इस साल हमने अपनी कार्यप्रणाली को भी बहुत करीब से देखा है, और यह सुनिश्चित किया है कि हम इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखें और सूची में शामिल करने के लिए एक विविध समूह के लीडर्स को लगातार आमंत्रित करें।

वही हुरुन इंडिया के एमडी अनस रहमान जुनैद का कहना है की, भारत के शीर्ष परोपकारी लोगों का पसंदीदा क्षेत्र शिक्षा है, हालांकि इस वर्ष गरीबी उन्मूलन दूसरा और सबसे लोकप्रिय क्षेत्र बन गया है।