योगी सरकार के मंत्री ने मुसलमानों को दी सलाह, कहा- अयोध्या में बन रही मस्जिद का नाम मोहम्मद साहब के…

अयोध्या में मंदिर के शिलान्यास के बाद अब मस्जिद को लेकर चर्चा शुरू हो गए है. अयोध्या में रामजन्मभूमि से करीब 30 किलोमीटर दूर धन्नीपुर गांव में मस्जिद बनाने के लिए सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी है. इसी बीच मस्जिद को लेकर योगी सरकार के मंत्री ने सलाह दी है. मंत्री का कहना है कि अयोध्या में बनने वाली इस मस्जिद का नाम बाबरी मस्जिद ना रखा जाए.

आपको बता दें कि बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने विवादित बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि को हिन्दू पक्ष को लेकर राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया था. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में केंद्र सरकार से बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने के आदेश दिये थे.

सरकार ने कोर्ट के आदेश के बाद ही सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को अयोध्या के धन्नीपुर गांव में मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित की है. बोर्ड ने बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का गठन करके उसे यह जिम्मेदारी सौंप दी है.

इसी बीच यूपी की योगी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने सलाह देते हुए कहा कि अयोध्या के धन्नीपुर गांव में निर्मित होने वाली मस्जिद का नाम मुगल बादशाह बाबर के नाम पर नहीं बल्कि पैगंबर मुहम्मद के नाम पर होना चाहिए.

रविवार को एक वीडियो संदेश में योगी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बोर्ड को जमीन दे दी है. लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि हम यह स्वीकार नहीं कर सकते है कि अयोध्या या देश में किसी भी चीज का नाम बाबर के नाम पर रखा जाए.

रजा ने आगे कहा कि मेरी वक्फ़ बोर्ड और मुस्लिम को सलाह है कि जिस तरह से अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है. वैसे ही मुसलमान ने पैगंबर मुहम्मद साहब के नाम पर कलमा पढ़ा है और उनकी मानवीयता के कारण ही दुसरे धर्म के लोग आज भी उनका सम्मान करते है.

रजा ने कहा कि हमारी तो यही सलाह है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड मस्जिद का नाम बाबरी मस्जिद ना रखते हुए मस्जिद ए मोहम्मद रखे. इससे ना सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया में एक बड़ा संदेश जाएगा और सभी को इसे स्वीकार करना चाहिए.

रजा ने द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कहा कि उन्होंने यह सलाह एक मुसलमान के तौर पर दी है ना की योगी सरकार के मंत्री के तौर पर. यह सिर्फ एक सलाह है अंतिम फैसला तो बोर्ड को ही करना हैं.