बंद कमरे में घंटों तक बैठे रहते थे ये दोनों भाई-बहन, और जब बहार निकलते तो हाथों में होते थे…

इन्टरनेट की मदद से कई युवा अच्छे काम करके फेमस हो जाते हैं तो कई गलत कामों में फंसकर जेल चले जाते हैं

दिल्ली: हरियाणा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां के एक भाई-बहन के लॉकडाउन के दौरान घर बैठकर इन्टरनेट की मदद से नकली नोट बनाने का तरीका सीखा लेकिन उन्हें यह तरीका काफी मंहगा पड़ा, नकली नोटों ने उन्हें आज जेल पहुंचा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुणे के रहने वाले भाई-बहन नकली नोट बनाकर बाजार में खपाने का काम करते थे. गुरुवार की शाम उन्हें रं’गे हाथों दबोच लिया गया.

खबरों के अनुसार दोनों ने बंद कमरे में घंटों छुपकर यूट्यूब पर देखकर नकली नोट बनाना सीखा. यह लोग एक असली नोट के बदले में 5 नकली नोट देते थे. गुरुवार रात महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में जलमहल के नजदीक इन्हें दबोचा गया. इसके पास से 100-100 रुपए की 10 नकली नोटों के बंडल बरामद किये गए है.

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बताया जा रहा है कि आरोपी संदीप छोटे दुकानदारों और शराब के ठेके पर इन नकली नोटों का चलता था. सुनीता राय और उसका भाई प्रदीप को यह आईडिया यूट्यूब से मिला जिसके बाद उन्होंने 50, 100, 200, 500 और 2000 के नकली नोट छापे थे.

यह लोग इन नोटों को बुजुर्ग दुकानदार या गांव के सीधे-सादे लोगों के जरिए मार्केट में भेज देते थे. लेकिन सब्जी मंडी में एक दुकानदार को नकली नोट देने के चलते उनकी पोल खुल गई. बताया जा रहा है कि महिला दो बच्चों की मां है. महिला के पति को भी अब जाकर पता चला है कि बंद कमरे में उनकी पत्नी क्या करती थी.

पुलिस ने सुनीता के घर से दो कलर प्रिंटर और लाखों के नकली नोट भी जब्त किये है. इसे लेकर सुनीता के पति गणेश सावंत खुद हैरान है. उन्होंने पुलिस को बताया कि सुनीता अपने भाई के साथ बंद कमरे में घंटों तक रहती थी. लेकिन उन्होंने इसे लेकर कभी उससे कुछ पूछा नहीं.

हालांकि पुलिस को श’क है कि इस पुरे मामले की जानकारी सुनीता के पति को भी रही होगी या फिर वो भी इसमें शामिल भी हो सकता है. फ़िलहाल मामले में पूछताछ चल रही है. दरअसल नकली नोटों के बढ़ते मामले कुछ दिन पहले एसपी के संज्ञान में आए थे. जिसके बाद पुलिस ने आरो’पी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. आरोपी एक असली नोट के बदले 5 नकली नोट तक पकड़ा देता था. साभार- भास्कर