बंगाल में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का चौंकाने वाला ‘हिन्दू कार्ड’, देखिए

आम चुनावों के बाद से ही बंगाल में तेजी से बढ़ती बीजेपी की पैठ से परेशान सीएम ममता बनर्जी को अपनी कुर्सी खत’रे में नजर आने लगी है. सूबे में बीजेपी पूरी तरह से आ’क्रमक अवस्था में है और लगातार टीएमसी सरकार की छवि हिन्दू विरोधी बनाने में लगी हुई है. लोकसभा चुनावों में बीजेपी को मिली सीटें इस बात की गवाही देती है कि वो अपने एजेंडे को जमीन पर उतारने में पूरी तरह से कामयाब रहे है.

सूबे में बीजेपी अब वामदलों और कांग्रेस को पछाड़ कर सीधे सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी को चुनौती दे रही है. सूबे में साल 2021 में विधानसभा चुनाव होने वाले है लेकिन इसकी सरगर्मियां अभी से नजर आने वाली है. सियासी दावपेंच में कांग्रेस भी पीछे नहीं है. इसी बीच सीएम ममता बनर्जी ने एक बड़ा दांव खेला है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने सोमवार को ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के 8,000 से अधिक हिंदू पुजारियों को अब 1,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता और मुफ्त आवास व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी. ममता की इस घोषणा को सूबे में अगले वर्ष अप्रैल-मई में होने वाले संभावित विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

बीजेपी अक्सर ही सत्ताधारी पक्ष पर अल्पसंख्यकों के तुष्टिक’रण का आरोप लगाती रही है. साथ ही ममता सरकार को हिन्दू विरो’धी बताया जाता रहा है, माना जा रहा है कि इसी छवि को तोड़ने के लिए ममता ने यह कदम उठाया है.

इसके साथ ही ममता बनर्जी ने सूबे के हिंदी भाषी और आदिवासी मतदाताओं को साधने के लिए सूबे में जल्द ही एक हिंदी अकादमी और एक दलित साहित्य अकादमी स्थापित करने का ऐलान किया है. उन्होंने यह घोषणाएं हिंदी दिवस के मौके पर की है. वहीं विपक्षी दलों ने इन क़दमों को महज चुनावी हथकं’डा करार दिया है.

बनर्जी ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा इससे पहले भी सनातन ब्राह्मण संप्रदाय को कोलाघाट में एक अकादमी बनाने के लिए भूमि प्रदान की गई थी. इस संप्रदाय के कई पुजारी अभी भी आर्थिक रूप से तं’गी झेल रहे है, इसलिए हमने उन्हें प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया है.

उन्होंने कहा कि उन्हें भत्ता प्रदान करने के आलावा सरकार राज्य की आवासीय योजना के तहत उन्हें मुफ्त आवास भी प्रदान करगी. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं सभी से अनुरोध करना चाहती हूं कि इस घोषणा का अन्य कोई मतलब ना निकला गए.

उन्होंने कहा कि यह ब्राह्मण पुजारियों की सहायता करने के इरादे के साथ किया जा रहा है. उन्हें अगले महीने से भत्ता मिलना प्रारंभ हो जाएगा क्योंकि यह दुर्गा पूजा का वक्त होगा.