VIDEO: अमित शाह की रैली के दौरान सीएए-एनआरसी के खिलाफ बैनर दिखाना दो महिलाओं को पड़ा भारी

दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस प्रदर्शन के दौरान देश के कई राज्यों में हिं’सात्म’क घ’टनाएं भी घटी। जिसमें कई लोगों की जा’न चली गयी। तो कई अन्य घायल हो गये। देश विभिन्न हिस्सों के अलावा देश के विश्वविद्यालय में भी इसका विरोध देखने को मिल रहा है।

वहीं देश में हो रहे नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के विरोध के बीच केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जन जागरण अभियान भी चला रही है। इस अभियान के द्वारा बीजेपी के अधिकारी, नेता लोगों के घर-घर जाकर लोगों को इस कानून के बारे में बता रहे हैं।

इसी कड़ी में भीरतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और ग्रहमंत्री अमित शाह रविवार को देश की राजधानी दिल्ली के लाजपत नगर पहुंचे। लाजपत नगर के जिस गली में अमित शाह का नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जन जागरण अभियान कार्यक्रम था, उसी गली की एक छत में छत से सीएए और एनआरसी के खिलाफ बैनर टांगा गया और महिलाओं ने छत से नारेबाजी की। केंद्रीय मंत्री को यह बैनर दिखाना उन दोनों महिलाओं को भारी पड़ गया।

दरअसल, एक अखबार के रिपोर्ट के मुताबिक बैनर दिखाने वाली दोनों महिलाओं को उनके किराए के घर से निकाल दिया गाया है। सुर्या रजप्पन नामक महिला ने बताया कि जब हमें अमित शाह की रैली के बारे में पता चला तो हम लोग अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार के तहत विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी करने लगे।

एक आम नागरिक की तरह, गृह मंत्री के सामने अपना असंतोष जाहिर करने का इससे अच्छा मौका नहीं था। जब अमित शाह का काफिला हमारे सामने की सड़क से गुजरा, मैंने और मेरे फ्लैटमेट ने बालकनी से बैनर दिखाए, जिसपर लिखा था, शेम-सीएए और एनआरसी, आजादी और #NotInMyName, हमने किसी तरीके के आ’प’त्ति’जनक शब्दों का प्रयोग नहीं किया था।

 

महिला ने बताया, हमारे विरोध पर ध्यान देने के बाद रैली में शामिल कुछ लोग भ’ड़क गए और अ’पमा’नज’नक टिप्पणी करते हुए हमें ध’मकाने के लिए आगे बढ़ने लगे। इसके बाद हमारे अपार्टमेंट के नीचे सड़क पर लगभग 150 की भीड़ एकत्र हो गई। हमारे बैनर फाड़ दिए गए, कुछ लोग सीढ़ियों के सहारे ऊपर आने लगे और मकान मालिक को ध’मकाने लगे। उन्होंने कहा कि अगर दरवाजा नहीं खोला तो उसे तोड़ देंगे। इससे हम लोग बुरी तरह डर गए और खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया।

वही महिला ने कहा कि वे लोग बाहर हं’गामा करते रहे जब तक कि पुलिस वहां नहीं पहुंच गई। महिला ने कहा कि वे लोग घर में घिर गई थीं और वहां से निकल नहीं पा रही थीं। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्तों से मदद मांगी। लेकिन जब वे लोग वहां पहुंचे, भी’ड़ ने उनको ध’क्का दिया और वहां से जा’ने को कहा।

महिला ने पूरे मामले पर कहा, हम लोग करीब 3-4 घंटे तक घिरे रहे। इसके बाद मकान मालिक ने कहा कि अब हम लोग इस घर में नहीं रह सकते हैं। इस बीच पुलिस और दोस्तों के लगातार दखल के बाद मेरे पिता घर में घुस पाए।’ महिला ने कहा कि करीब 7 घंटों के बाद पुलिस की मौजूदगी में हम लोगों ने अपना सामान पैक किया और वहां से निकले।

आपको बता दें नागरिकता संशोधन कानून का कांग्रेस, टीएमसी समेत लगभग सभी विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम में इस ऐक्ट के विरोध में जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी दलों की मांग है कि, सरकार इस कानून को वापस ले।

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