बीबीसी की महिला पत्रकार ‘बुशरा शैख़’ से दिल्ली पुलिस ने की बदसुलूकी, बाल पकड़ कर खींचे

नागरिक संशोधन बिल को लेकर पूरे देश भर में, शायद ही ऐसा कोई राज्य बचा हो जहां से विरो’ध प्रदर्शन ना हो रहे हों. देश में कुछ मुट्ठी भर लोगों को छोड़कर, देश के सभी लोग इसका पुरजोर विरो’ध कर रहे हैं. अभी हाल ही में दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनीवर्सिटी में नागरिक संशोधन बिल को लेकर छात्रों द्वारा, जबरदस्त प्रदर्शन किया गया था. जिसमें देश के सामने दिल्ली पुलिस की बर्बरता सामने आई.

सोशल मीडिया पर, दिल्ली पुलिस के कुछ ऐसे फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें पुलिस वाले खुद नागरिकों की संपत्ति को छति पहंचाते नज़र आ रहे हैं. अभी हाल ही में एक महिला पत्रकार का वीडियो भी वायरल हो रहा है, इनका आरो’प है कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की है.

Bushra Shaik BBC Female Reporter

जामिया में बीबीसी की महिला पत्रकार से दिल्ली पुलिस ने कहे अपशब्द

यह महिला पत्रकार बीबीसी के लिए काम करती हैं, इनका नाम है ‘बुशरा शैख़’ (BBC Female Reporter Bushra Shaikh). बुशरा शेख ने ‘द क्विंट’ को दिए गए एक छोटे से वीडियो में कहा है कि जब मैं कवरेज के लिए गई, तब दिल्ली पुलिस ने उनको डंडों से पी’टा और उनके साथ बदसुलूकी की गयी.

शायद पुलिस को लगा होगा कि वो एक महिला छात्र हैं जो उस हुडदंग में शामिल हैं. इसीलिए बुशरा ने उन्हें कहा की में बीबीसी की पत्रकार हूँ, और ये देखिये मेरा कार्ड. उन्होंने पुलिस को अपना आई कार्ड भी दिखाया, जो बतौर अधिकृत रिपोर्टर बीबीसी ने उन्हें दिया था.

महिला पत्रकार का फ़ोन छीना और बालों को पकड़कर झंजोड़ा

दिल्ली पुलिस के जवानों ने उसको न सिर्फ नज़रंदाज़ किया, वल्कि उन पर लाठियां भी भांजी. इतना ही नहीं उन्होंने बुशरा का फ़ोन तक छीन लिया. वे उनको बार-बार केहती रहीं कि में एक पत्रकार हूँ और बीबीसी में काम करती हूं.

इसके बाद बुशरा ने उनसे कहा कि मेरा फ़ोन दे दीजिये, में यहाँ से जा रही हूँ. इसके बाद दिल्ली पुलिस के जवानों ने उन्हें माँ बहन की गालियाँ देनी शुरू कर दीं.

उनमें से एक ने उनके बालों को पीछे से पकड़कर झिन्जोड़ दिया, और उनका फ़ोन भी तोड़ दिया. बुशरा कहतीं हैं कि में वहां कवरेज करने गयी थी, और पत्थर फेंकने वाले लड़कों को रोक रही थी.

में अच्छी तरह पहचान सकती हूँ, किसने मेरे बाल खींचे. दूसरी बात यह कि एक महिला को मर्द पुलिस कैसे हाथ लगा सकती है. मैंने डीजीपी से बात के है, उन्होंने मुझे बुलाया है.

जामिया को लेकर बीबीसी की पत्रकार बुशरा शैख़ बताती हैं, यहाँ हालात र हो चुके हैं. ये सभी लोगों को दिख ही रहा है में क्या कहूँ अब आपको, आप  भी देख सकते हैं.

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