तिरुमाला के भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में मात्र 14 दिन में भक्तों ने चढ़ाया इतने करोड़ का चढ़ावा

दुनिया भर में फैली कोरोना महामारी ने दुनिया की रफ्तार पर एक ब्रेक-सा लगा दिया हैं. भारत भी इस वायरस से बुरी तरह प्रभावित है, देश में जब कोरोना सं’क्रम’ण के मामले मिलने शुरू हुए थे तभी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश भर में लॉकडाउन लागू कर दिया. लॉकडाउन में व्यापार, कारोबार सबकुछ बंद हो गया और इससे मंदिर-मस्जिद जैसे सभी धार्मिक प्रतिष्ठानों पर भी ताले लग गए थे.

करीब दो महीने से भी ज्यादा तक चले लॉकडाउन के बाद तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों के बीच सरकार ने अनलॉक 1 के तहत जून की शुरुआत से ही कई छूट दी. इसी के तहत 8 जून से सभी धार्मिक संस्थाएं भी सरकार ने पुनः खोलने की इजाजत दे दी.

इसी बीच आंध्रप्रदेश के तिरुमाला पहाड़ी पर स्थित भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर को 11 जून को खोला गया था. इसके बाद से ही पिछले दो सप्ताह के दौरान भक्तों द्वारा यहां पर 7.5 करोड़ रुपये चढ़ावा चढ़ाया गया.

आपको बता दें कि यह मंदिर कोरोना लॉकडाउन के दौरान दो महीने से ज्यादा समय तक बंद रहा था और इस दौरान उसे 500 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ था. बुधवार को मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 14 दिनों के दौरान केवल हुंडी संग्रहण से दान के रूप में छह करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई.

वहीं इस दौरान 300 रूपये में ऑनलाइन टिकट बिक्री से मंदिर को करीब डेढ़ करोड़ रूपये मिले हैं. इसके आलावा उन्होंने यह भी बताया कि हुंडी में श्रद्धालुओं ने सोने, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी दान में दी है, इन वस्तुओं के मूल्य का आकलन अभी नहीं किया गया है.

अधिकारी के मुताबिक हुंडी से एक दिन में सर्वाधिक नकद प्राप्ति 67 लाख रूपये हुई जो 21 जून को प्राप्त हुई और सबसे कम प्राप्ति 17 जून को 37 लाख रूपये हुई.

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 11 जून के बाद से ही लॉकडाउन के नियमों के तहत मंदिर में प्रतिदिन 6000 श्रद्धालुओं को प्रवेश किया जाता हैं. इसके साथ ही 20 जून के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ा दी गई हैं. उन्होंने बताया कि अब प्रतिदिन 9000 श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा हैं.

साभार- एनडीटीवी