भारत-चीन झ’ड़प पर गोदी मीडिया के पत्रकारों और न्यूज़ चैनल को पोल करना पड़ा मंहगा, जानिए कैसे करना पड़ा शर्मिंदगी का सामना

भारत-चीन के मामले को लेकर देश भर में गुस्सा देखने को मिल रहा है, इसी बीच इस मामले पर न्यूज़ चैनल इंडिया टीवी के एंकर और पत्रकार सुशांत सिन्हा, एबीपी न्यूज़, समाचार पत्र दैनिक जागरण और वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक ऑनलाइन पोल सर्वे कराया गया है. लेकिन वह इस पोल को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए और लोगों ने उन्हें जमकर ट्रोल किया.

दरअसल पिछले काफी समय से भारत और चीन की सीमाओं को लेकर विवाद बढ़ गया है. इसी बीच पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के सैनिकों में हुई हिंस’क झ’ड़प के दौरान 20 भारतीय सेना के जवान शहीद हो गए जिससे देश भर में गुस्सा हैं. इस मामले को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार हम’ला’वर हो रहे हैं.

इसी दौरान भारत-चीन तनाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक के दौरान कहा था कि न कोई हमारे क्षेत्र में घुसा और न ही किसी ने हमारी चौकी पर कब्जा करा हैं. पीएम मोदी के इस बयान को लेकर खूब बावल हुआ जिसके बाद पीएम के बयान पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को सफाई देना पड़ा.

इसके बाद रविवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने  पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें नरेंद्र मोदी की बजाय सरेंडर (आत्मसमर्पण करने वाला) मोदी कहा और पीएम पर चीन के आगे समर्पण कर उसे भारतीय क्षेत्र देने का आरोप लगाया हैं.

सरकार समर्थक कुछ पत्रकारों और न्यूज़ चैनल ने राहुल गांधी के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर एक पोल सर्वे कराया. इस तरह के पोल कराने वालों में इंडिया टीवी के एंकर सुशांत सिन्हा, एबीपी न्यूज़, दैनिक जागरण और वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला शामिल थे.

अपने ट्वीट में इंडिया टीवी के एंकर सुशांत सिन्हा ने लिखा कि आपके लिए नरेंद्र मोदी क्या हैं? जिस पर 58.8 प्रतिशत लोगों ने सरेंडर मोदी को चुना तो वहीं 42 प्रतिशत लोगों ने धुरंधर मोदी को चुना.

वहीं एबीपी न्यूज़ ने अपने पोल में लिखा कि राहुल गांधी और विपक्ष के रवैये को क्या आप ठीक मानते हैं? एबीपी न्यूज़ के इस पोल पर 53 प्रतिशत लोगों ने हां के पक्ष में और 46 प्रतिशत लोगों ने ना के पक्ष में मतदान किया.

वहीं दैनिक जागरण द्वारा कराए पर पोल, क्या चीन के साथ तनाव के मसले पर राहुल गांधी की बयानबाजी उचित है? में हां पर 69.3 प्रतिशत लोगों ने और ना के पक्ष में 28.9 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया जबकि 1.8 प्रतिशत लोगों को इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है.

इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने अपने ट्वीट में पोल कराया कि क्या हमें पीएम मोदी के बयान पर पूरी तरह भरोसा करना चाहिए? जिस पर 39 प्रतिशत लोगों ने हां और 58 प्रतिशत लोगों ने नहीं पर वोट किया जबकि 4 प्रतिशत लोग पता नहीं के साथ गए.

बीजेपी और सरकार के समर्थक पत्रकारों और न्यूज़ चैनलों को इन पोल के बाद जमकर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा. उन लोगों को उम्मीद थी कि उनके पोल पर मोदी सरकार को ट्विटर यूजर्स का जमकर समर्थन प्राप्त होगा लेकिन उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा. मोदी समर्थक पत्रकारों द्वारा कराए गए सभी पोलों पर उन्हें भारी निराशा हाथ लगी.

साभार- जनता का रिपोटर