फ्रांस के खिलाफ बड़ा प्रोटेस्ट करने वाले कांग्रेस विधायक के 4 अवैध निर्माणों पर चली जेसीबी

आपको ध्यान होगा अबसे कुछ दिन पहले देशभर के मुसलमानों समेत दुनिया भर में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन हुए थे. वजह थी पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून बनाने से उठे विवाद को लेकर. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ़ ये प्रदर्शन बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल, राजस्थान और मध्यप्रदेश में किये गए थे.

भोपाल में मुसलमानों द्वारा काफी बड़े स्तर पर फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था. भोपाल के कांग्रेस विधायक ‘आरिफ मसूद’ की अगुवाई में यह प्रदर्शन हुआ था, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे. इस प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और गृह मंत्री नरोत्तम मित्र मिश्रा ने काफी नाराजगी दिखाई थी. शिवराज सिंह ने ट्वीट करके अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की थी, उन्होंने लिखा था.

Bhopal Awaidh nirman toda

“मध्य प्रदेश” शांति का टापू है, इसकी शांति को भंग करने वालों से हम पूरी सख्ती से निपटेंगे. इस मामले में 188 IPC के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा, वो चाहे कोई भी हो.

शिवराज सिंह के इस ट्वीट के बाद से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद समेत तकरीबन 200 लोगों पर एफ आई आर दर्ज की गई थी और अभी कुछ लोगों पर कारवाही की जानी और बाकी है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया तक दो भागों में बट गया, जिसे कुछ लोग अच्छा बता रहे थे जबकि कुछ इसको गलत बता रहे थे.

आरिफ मसूद के 4 अवैध निर्माण तोड़े गए

आरिफ मसूद के 4 अवैध निर्माण तोड़े गए

फ्रांस के खिलाफ एक बड़ा प्रोटेस्ट करने वाले कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ आज बड़ी कार्रवाई की गई. जिसके चलते भोपाल के नगर निगम ने बड़ा तालाब एरिया समीप कुछ अवैध निर्माण गिराए. यहाँ कुछ अवैध बिल्डिंग समेत विधायक आरिफ मसूद का कॉलेज का हिस्सा और उनके भवन को गिरा दिया गया.

जेसीबी द्वारा निर्माण को गिराए जाने के बाद, कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने ट्वीट कर यह जानकारी दी, की बीती रात ही मुझे एक प्रेस के जरिए पता चला कि मुझ पर और धारा जोड़ी गई है, जबकि मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया जिसकी मुझे स’जा मिले. अपने भवन के गिराए जाने पर भी उन्होंने कहा की इस पर तो मैंने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है, फिर उसे क्यों गिरा दिया गया.

आरिफ यह भी बोले कि मैंने कोई गलत काम नहीं किया है, अगर कोई मेरे धर्म को बुरा बोला तो उसका मैंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया. जिसमें 25 हज़ार लोग आए थे, कोई कहीं कोई अनहोनी नहीं हुई. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भोपाल के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

आगे कहा कि मुझे दुख तो इस बात का है कि इस दमनकारी सरकार ने शिक्षा के मंदिर तक को नहीं छोड़ा. अब आने वाले दिनों में यह देखना और भी ज़्यादा दिलचस्प होगा कि किन-किन लोगों पर अभी और कार्रवाई होनी बाकि है और किस तरह से कार्रवाई होती है विधायक आरिफ मसूद ने इसे बदले की कार्रवाई करार दिया है.