बिहार में चुनावों से पहले लालू यादव की पार्टी आरजेडी को लगा बड़ा झटका, 8 में से 5 MLC ने थामा नीतीश कुमार का साथ

बिहार राज्य में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले है. ऐसे में सूबे में सियासी उठा-पठक शुरू हो गई हैं. कई बड़े नेता अपनी मौजूदा पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टियों में शामिल होने लगे है. इसी बीच मंगलवार को लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक बड़ा झटका लगा. पार्टी के आठ में से पांच विधान परिषद के सदस्यों ने आरजेडी छोड़ दी है. इन नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली JD(U) का हाथ थाम लिया है.

जद (यू) अधिकारी ने जानकरी देते हुए बताया कि ये पांचों हमारी पार्टी में शामिल हो गए हैं. सूबे में चुनाव से पहले राजद से पांच एमएलसी का साथ छोड़ना पार्टी के लिए भारी झटका माना जा रहा है.

आरजेडी के विधान पार्षदों एस एम क़मर आलम, संजय प्रसाद, राधा चरण सेठ, रणविजय कुमार सिंह और दिलीप राय ने बिहार विधान परिषद के कार्यवाहक सभापति अवधेश नारायण सिंह से मुलाकात करके उन्हें राजद से इस्तीफा देने की सूचना दी है.

वहीं राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाये हैं. जगदानंद ने पांच एमएलसी के राजद छोड़ कर जदयू का दामन थामने को लेकर कहा कि धन-दौलत की दम पर हमारी पार्टी के पांच विधान पार्षदों को तोडा गया हैं.

उन्होंने आगे कहा कि सूबे में युद्ध शुरू हो चूका है और अब नीतीश को इसका करारा जवाब जल्द ही दिया जाएगा. उन्होंने नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि जदयू बटोरे हुए लोगों की पार्टी है.

इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पांच एमएलसी का पाला बदल लेना राजद के लिए नहीं बल्कि राजनीति के लिए बड़ा झटका है. नीतीश कुमार ने तो पहले ही सरकार बदल कर जनादेश का अपमान कर चुके हैं.

जगदानंद सिंह ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि नीतीश कुमार की जदयू के पास कोई बड़ा नेता नहीं है. इसलिए वो हमारे स्कूल के विद्यार्थियों को पैसों के दम पर लेकर जा रहे हैं क्योंकि न तो उनके पास स्कूल है और न सीखने-सिखाने की जगह है. अब साढ़े बारह करोड़ जनता के बीच युद्ध होना तय है.

उन्होंने आगे कहा कि यह कोई जुए का खेल नहीं है. जनता नीतीश को दंड देने का मन बना चुकी है और वह नीतीश को तलाश रही है. सिर्फ चार महीने की बात है, लोग नीतीश को हटाने के लिए तैयार बैठे है. जगदानंद सिंह ने कहा कि हमें पांचों एमएलसी के जाने से कोई परेशानी नहीं है.

साभार- जनसता