इन बड़े राज्यों में सबसे ज्यादा देखा जा रहा हैं एनडीटीवी, आज तक और रिपब्लिक भारत रह गए पीछे

इन बड़े राज्यों में सबसे ज्यादा देखा जा रहा हैं एनडीटीवी, आज तक और रिपब्लिक भारत रह गए पीछे

पिछले दिनों मुंबई पुलिस ने टीआरपी में धां’धली का हैरान कर देने वाला खुलासा किया था जिसके मुताबिक रिपब्लिक भारत और दो अन्य छोटे चैनल फर्जी तरीके से टीआरपी बढ़ा रहे थे. पुलिस के अनुसार फर्जी टीआरपी के इस रैकेट में कुछ और भी बड़े चैनल शामिल हैं जिनका खुलासा जल्द ही किया जा सकता है. इसी के बाद से ही टीआरपी जारी करने वाली संस्था बार्क और इसके रेटिंग तरीकों पर सवाल उठ रहे है.

44,000 बॉक्स से 80 करोड़ दर्शकों के रेटिंग आकंड़ों के वर्तमान तरीकों पर कई मीडिया प्रोफेशनल्स सवाल खड़े कर रहे है. इसके साथ ही मौजूदा तरीके में बदलाव की मांग भी की जा रही है.

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने अपने एक लेख में कहा कि देशभर में 80 करोड़ से ज्यादा टीवी दर्शक हैं और उनकी पसंद और नापसंद को मापने के लिए बार्क के पास सिर्फ 44,000 बॉक्स हैं. ऐसे में बार्क से संख्या पर सवाल उठाना लाजमी हैं कि आखिर इतने छोटे सैम्पल से रेटिंग कैसे नापी जाती है?

रेटिंग पर सिर्फ मीडिया ही सवाल नहीं उठा रहा हैं बल्कि इस पर राजनीतिक स्तर पर भी सवाल खड़े किये जा रहे है. सूचना और प्रसारण मंत्री ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि बार्क के द्वार टीवी रेटिंग नापने के स्वंय नियमन के प्रयास का भारत सरकार  ने स्वागत किया था.

उन्होंने आगे कहा कि टीवी चैनलों द्वारा सेल्फ रेगुलेशन के लिए इस संस्था का गठन किया गया था, लेकिन अब जिस तरीके से टीआरपी के लिए चैनलों में जं’ग छिड़ी हुई है और उसी के आधार पर विज्ञापन भी टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे हैं, इसे देखते हुए कहीं ना कहीं इस रेटिंग के सिस्टम पर पुनः विचार करने का वक्त आ गया है.

इसी बीच ओपिनियन गैदरिंग टेक्नोलॉजी कंपनी प्रश्नम ने हिंदी समाचार चैनलों को लेकर एक सर्वे कराया. यह सर्वे बिहार, झारखण्ड, मध्यप्रदेश और राजस्थान में कराया गया. इसके तहत 23 प्रतिशत लोग एनडीटीवी इंडिया को देखते हैं तो वहीं आजतक और रिपब्लिक भारत को 21 प्रतिशत लोग देखते है.

बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड में यह सर्वे कुल 25,744 लोगों की बीच कराया गया है. इस सर्वे के तहत 133 जिलों, 654 विधानसभाओं को 9 अक्टूबर को कवर किया गया. इस दौरान इसमें 35 प्रतिशत महिला और 65 प्रतिशत पुरुषों ने भाग लिया.

सर्वे के परिणामों के अनुसार 23 प्रतिशत के साथ एनडीटीवी इंडिया इन राज्यों में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला चैनल बन कर उभरा हैं. आजतक और रिपब्लिक भारत इसके बाद दूसरे और तीसरे नंबर पर आए है. 11 प्रतिशत लोग इंडिया टीवी को देखते है और 23 प्रतिशत लोग अन्य और स्थानीय समाचार चैनल देखना पसंद करते हैं.

साभार- प्रश्नम