चुनाव से ठीक पहले अपने खुद के सर्वे देख, मोदी शाह की उड़ी नींद

लोकसभा चुनाव अब सिर पर है ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुटी हुई है. भारतीय जनता पार्टी भी सत्ता में वापसी के लिए रणनीति बनाने में जुटी हुई है. बीजेपी का दावा है कि वह आसानी से सत्ता में वापसी करने वाली है लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी को करारा झटका लग गया है और उसके दावों की हवा निकल गई है. बीजेपी के लिए यह झटका काफी नुकसानदायक साबित होने वाला है हालांकि केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी ने इस झटके के उभरने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है.

दरअसल सत्तारूढ़ बीजेपी ने देश भर में एक सर्वे किये लेकिन बीजेपी को अपने ही सर्वे में हार का मुँह साफ तौर पर नजर आ गया है. अब बीजेपी भी एक बात समझ चुकी है कि उसके लिए जीत की रह आसन नहीं होने वाली है. टेलीग्राफ की एक खबर के मुताबिक बीजेपी के सर्वे में हिंदी पट्टी के सभी राज्यों में सीटों के भारी नुकसान की बात सामने आई है.

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इसके आलावा इस सर्वे में सबसे बड़ा नुकसान यूपी में होने की आशंका जताई गई है. जीत का दावा ठोक रही बीजेपी की इस सर्वें ने नींद उड़ा कर रख दी है. सर्वें के अनुसार बीजेपी को यूपी में 51 सीटों पर भारी क्षति होती नजर अ रही है. जबकि साल 2014 में मोदी को प्रधानमंत्री बनाने में यूपी का रोल महत्वपुर्ण रहा था.

बीजेपी ने राज्य की 80 लोकसभा सीटों में से 71 पर जीत दर्ज की थी जब बीजेपी के सर्वे में पार्टी सिर्फ 20 पर सिमटती हुई लग रही है. माना जा रहा है कि बीजेपी को संभावित नुकसान सपा-बसपा गठबंधन की वजह से होने वाला है. हालांकि यह सर्वें प्रियंका की एंट्री से पहले किया गया है ऐसे में प्रियंका के आने के बाद बीजेपी को और भी नुकसान हो सकता है.

ऐसे में अब बीजेपी ने इस झटके से उभरने के लिए एक नई रणनीति तैयार कर ली है. बीजेपी की नजर अब छोटे दलों पर बनी हुई है. बीजेपी ने सहयोगी दलों के साथ चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति बनाई है. बीजेपी यूपी में नए सहयोगियों की तलाश में जुट गई है.

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यूपी में बीजेपी अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ गठबंधन में है, दोनों ही पार्टी पूर्वी यूपी में अपना प्रभाव रखती है तो बीजेपी उन्हें अपने साथ ही बनाए रखने के लिए उन्हें मनाने में जुटी हुई है. वहीं प्रश्चिमी यूपी में उसे किसी सहयोगी की तलाश है.

बीजेपी की नजर रालोद पर है. रालोद इस समय सपा-बसपा के गठबंधन में शामिल है लेकिन उसे गठबंधन में ज्यादा सीटें नहीं दी गई है ऐसे बीजेपी उसे अपने पाले में करने में लगी हुई है. बीजेपी रालोद के साथ उचित सीट बंटवारे के साथ गठबंधन करने की संभवनाएं तलाश रही है.