VIDEO: भाजपा नेता बोला ‘पिकनिक मना रहे हैं प्रदर्शनकारी किसान’ इसके बाद किसानों ने बीजेपी नेता के घर जाकर जो किया जानकर हैरान रह जायेंगे आप

कृषि कानून का विरोध: पंजाब में भाजपा नेताओं पर फूटा किसानों का गुस्सा, तीक्षण सूद के घर के बाहर पलट दी को गोवर से भरी ट्रॉली

एक ओर जहां लगभग सभी विपक्ष की पार्टियां किसान आंदोलन के समर्थन में खड़ी है। वहीं जब से किसान आंदोलन शुरू हुआ है तभी से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार किसान आंदोलन का विरोध करते नज़र आ रहे है। भारतीय जनता पार्टी के कई नेता किसानों पर तीखे प्रहार करते नजर आए हैं और अब ऐसा ही एक मामला फिर से सामने आया है।

आपको बता दें किसान आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता ने उलु जलूल बयान दिए जा रहे है जिसके बाद फिर से भारतीय जनता पार्टी पर किसान विरोधी पार्टी होने के आरोप लग रहे हैं। बता दें कि देशभर के किसान महीने भर से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

किसान और सरकार के बीच अभी तक कई वार्ताएं हुई हैं लेकिन लगभग सभी वार्ताएं बेनतीजा रही हैं. लेकिन इस सबके परे भारतीय जनता पार्टी के नेता किसानों के विरोध में तीखी टिप्पणी करते रहते हैं जिससे पार्टी का किसान विरोधी रवैया साफ नजर आता है ऐसी ही भारतीय जनता पार्टी के एक नेता की हाल की टिप्पणियां सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।

बता दें कि हाल ही में पंजाब के होशियारपुर से भाजपा नेता और पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद ने किसानों को लेकर बेहद भद्दी टिप्पणी की है बीजेपी नेता ने कहा कि दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी किसान पिकनिक मना रहे हैं।

बीजेपी नेता की इस टिप्पणी के बाद किसानों ने तीक्ष्ण सूद के घर के बाहर जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी कर रहे युवाओं ने उनके घर के गेट को ताला लगा दिया और गेट के ठीक सामने गोबर से भरी ट्रॉली पलट दी।

यही नहीं बीजेपी नेता के घर के बाहर नारेबाजी कर रहे युवकों के हाथ में काले झंडे थे और वे लगातार बीजेपी नेता के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

नारेबाजी कर रहे युवकों का कहना है कि “ बीजेपी नेता ने किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की है जिसके बाद हमने यह कदम उठाया है हम किसानों के परिवार से आते हैं हम किसान के बेटे हैं हम यह अपमान बिल्कुल नहीं सहेंगे।

हालांकि घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आंदोलनकारियों को वहां से भगा दिया लेकिन बाद में इस घटना को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का भी बयान सामने आया उन्होंने कहा कि “किसी पर निजी हमला बोलकर किसान आंदोलन का मकसद खत्म हो सकता है इसलिए ऐसी हरकतें ना की जाए।