भाजपा महिला नेता और महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह का इस्तीफ़ा, बोलीं ये पार्टी अब…

डॉ प्रियंवदा तोमर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े नेताओं में से एक है। भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता होने के साथ ही वह उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य भी हैं। राज्य महिला आयोग की सदस्य के साथ साथ प्रियंवदा भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य भी थी। उन्होंने देश में भाजपा की और यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्यपद्धति पर भी गं’भीर आरोप लगाए हैं।

प्रियंवदा सिंह तोमर ने किसान आंदोलन की ओर सरकार की बेरुखी और यूपी की योगी सरकार में हर दिन हो रहे भ्र’ष्टाचार और राज्य महिलाओं पर हो रहे अत्याचा’रों पर अपनी ना’राज़गी का इजहार करते हुए अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है और इसी के साथ ही प्रियंवदा सिंह तोमर ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता को भी अलविदा कह दिया है।

भाजपा सरकार में भ्र’ष्टाचार चरम सीमा पर

Priyavandana Singh KA Isteefa

प्रियंवदा तोमर ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को लिखे त्याग पत्र में कहा है कि “बीजेपी सरकार के राज में भ्र’ष्टाचार ने सारी हदों को पार कर दिया है। हर आएं दिन हमें महिला पर अत्या’चार बढ़़ता ही जा रहा है और उन महिलाओं को इन अत्याचारों के खिलाफ न्याय भी नहीं मिलता।

उन्होंने पत्र में आगे कहा है कि ,”मैं खुद भी आयोग की सदस्य होने के बावजूद भी महिलाओं को न्याय दिलाने में सक्षम नहीं हूं। साथ ही पार्टी में योग्य महिलाओं की घोर उपेक्षा से भी बेहद ही निराशाजनक स्थिति है।

इन सभी परिस्थितियों से क्षुब्ध होकर मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता, सभी दायित्वों और पदों का त्याग कर रही हूं। और नैतिकता के आधार पर यूपी सरकार द्वारा दायित्व राज्य महिला आयोग सदस्य को भी हंमेशा के लिए छोड रहीं हूं।”

इस्तीफे में किसान आंदोलन का भी जिक्र

प्रियंवदा ने अपने त्यागपत्र में पिछले कई महीनों से चल रहे किसान आंदोलन का भी जिक्र किया है। प्रियंवदा ने इस्तीफे में कहा है कि ” मैं एक किसान परिवार से आती हूं। पिछले 131 दिनों से किसान आंदोलनरत हैं और 500 अधिक किसान शहीद भी हो चुके हैं‌। देश के अन्नदाता के प्रति बीजेपी पार्टी व सरकार की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा से मैं क्षुब्ध हूं.’

नरेंद्र मोदी सरकार पर भी किया प्रहार

प्रियंवदा ने नरेंद्र मोदी सरकार पर भी प्रहार करते हुए कहा कि अन्नदाताओं के प्रति नरेंद्र मोदी और भाजपा की सरकार ने पराकाष्ठा और संवेदनहीनता की सारी ही हदों को पार कर दीया है।

500 से भी अधिक किसान शही’द भी हो गए हैं मगर सरकार फिर भी निश्चित और खामोशी इख्तियार कर इस बात से मुंह मोडे हुए हैं। मैं सरकार के इस तरह के रवैये से भी आहत हूं।

योगी सरकार की कार्यपद्धति भी कठघरे में

प्रियंवदा ने अपने इस्तीफे में यूपी में महिलाओं को की समस्याओं पर भी सवाल उठाए हैं और योगी सरकार की कार्यपद्धति को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

उन्होंने ने कहा कि यूपी में हर रोज ही महिलाएं कहीं न कहीं अत्याचारों का शिका’र होती रहती हैं और सबसे बढ़कर विवशता वो यह है कि यूपी राज्य महिला आयोग के पद पर कार्यरत होने के बावजूद वह उन पी’ड़ित महिलाओं को इंसाफ दिलाने में असम’र्थ हैं।

भाजपा संगठन महिला विरोधी संगठन

उन्होंने भाजपा संगठन पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के में योग्य महिलाओं की उपेक्षा की जाती है।

बीजेपी के राज में पद को जारी रखना नामुमकिन

आगे उन्होंने कहा कि युपी की योगी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के वातावरण में अपने पद को जारी रखना उन्के लिए नामुमकिन है।

उन्होंने कहा कि वे क्षु’ब्ध होकर पार्टी की सदस्यता के साथ ही सभी पदों का त्या’ग कर रही है। साथ ही नैतिक मर्यादाओं के पहलू को देखते हुए राज्य महिला आयोग के सदस्य पद को भी छोड़ रही हूं।

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।