गोबर राजनीति: भाजपा ने उड़ाया गाय के गोबर का मजाक तो कांग्रेस के समर्थन में उतरा RSS की तारीफ

देश में गाय को लेकर तो सियासत खूब सुनने में आती है, लेकिन गोबर पर कभी कोई चर्चा या विवाद शायद ही सुनने को मिला हो. ऐसे में छत्तीसगढ़ देश का शायद पहला राज्य है, जहां इन दिनों गोबर पर सियासत जबरदस्त देखने को मिल रही है. दरअसल, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गोबर को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है।

लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विरोध किया है, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने इस फैसले को सही बताया है. दरअसल, राज्य में बेसहारा मवेशी लंबे समय से एक बड़ी समस्या बने हुए हैं. शहरों में गली-मुहल्लों और मुख्य मार्गों के अलावा और राजमार्गों पर आपको कहीं भी इन मवेशियों के झुंड दिख जाएंगे।

वही बारिश में सीजन की रातों में तो राजमार्ग ही इन बेसहारा मवेशियों का आश्रय स्थल बन जाता है. इसके चलते आए दिन कई बड़े सड़क हादसे होते हैं, जिनमें जानमाल का भी काफी नुकसान होता है. जिसको देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदने का फैसला लिया है।

गोबर का सरकारी दर 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है. इस फैसले के बाद से ही पूर्व की बीजेपी सरकार में पंचायत मंत्री रहे वर्तमान कुरुद विधायक अजय चन्द्राकर कांग्रेस सरकार पर ह’मलावा’र हैं. उन्होंने बघेल सरकार पर कई आरोप लगाए अजय चन्द्राकर ने तो व्यंग्यात्मक अंदाज में मौजूदा सरकार को गोबर आधारित सरकार तक कह डाला।

आपको बता दें छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जो गोबर की खरीदी करेगा. भूपेश बघेल सरकार ने ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने और राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की है. इसके लिए राज्य में करीब 2200 गौठान बन चुके हैं।

सरकार का मानना है कि आर्थिक लाभ के मद्देनजर इन मवेशियों के स्वामी इन्हें खूंटे से बांधकर रखने को प्रेरित होंगे। इससे जहां राहगीरों को बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात मिलेगी, वहीं खाद के तौर पर गोबर के इस्तेमाल से खेती-किसानी को भी लाभ मिलेगा।

सरकार की यह मंशा विपक्षी भाजपा के न सिर्फ निशाने पर है, बल्कि उसने इसका मजाक भी उड़ाया है। ऐसे में सवाल लाजिमी है कि आखिर क्या है यह गोबर का गणित?