ये है भीम आर्मी मुखिया चंद्रशेखर आजाद का घर, देखिए इस घर की एक्सक्लूसिव तस्वीरें

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए शंखनाद हो चूका है, इसके साथ ही सियासी दांवबाजी भी शुरू हो गई. इसी बीच भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने घोषणा की है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपना प्रत्याशी उतारेंगे. इसी के बाद कांग्रेस महासचिव और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने भीम आर्मी प्रमुख से मुलाकात करके सियासी हलचल तेज कर दी है. दलित युवाओं में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले चंद्रशेखर और प्रियंका की इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे है.

इसके बाद से ही चंद्रशेखर लगातार खबरों में बने हुए है ऐसे में सबके मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन हैं ये चंद्रशेखर और क्या है उनकी भीम आर्मी? चंद्रशेखर आजाद भीम आर्मी के संस्थापक है जो 15 माह जेल में रह चुके हैं. चंद्रशेखर का जन्म सहारनपुर में छटमलपुर के पास धडकूलि गांव में हुआ था.

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जिले के एक स्थानीय कॉलेज से चंद्रशेखर आजाद ने कानून की पढ़ाई की है. चंद्रशेखर पहली बार 2015 में विवादों में आए थे. उन्होंने भीम आर्मी बनाई जो बहुजन संगठन है, जिसे भारत एकता मिशन भी कहा जाता है. यह दलित चिंतक सतीश कुमार के दिमाग की उपज है.

इसे 2014 में चंद्रशेखर आजाद और विनय रतन आर्य ने हाशिए वाले वर्गों के विकास के लिए स्थापित किया था. भीम आर्मी का कहना है कि वह शिक्षा के माध्यम से दलितों के लिए काम कर रहा है. वहीं इसके आधार की बात करें तो यह मुख्य तौर पर यूपी में है और यह सहारनपुर में वर्ष 2017 से चर्चाओं में आई थी.

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चर्चाओं में आने की वजह थी जाति संघर्ष, हिं’सा के आरोपों के बाद भीम आर्मी के मुख्य कर्ताधर्ता चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया गया था. चंद्रशेखर की अगुवाई में 25 युवा भीम आर्मी संभालते हैं, भीम सेना और अंबेडकर सेना भी ऐसे ही संगठन हैं लेकिन भीम सेना हरियाणा में और अंबेडकर सेना का गढ़ पूर्वी यूपी में है.

भीम आर्मी की पश्चिमी पूर्वी में अच्छी पकड़ है वह खासकर दलित वर्ग के युवाओं में खासा लोकप्रिय है और अब अपनी इसी लोकप्रियता को वह वोटों में बदलने की कोशिशों में जुटे हुए है. इससे पहले चंद्रशेखर ने कहा था कि भीम आर्मी एक सामाजिक संगठन है वह कभी चुनाव नहीं लड़ेगी और राजनीतिक दल नहीं बनेगी.

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बुधवार को भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर ने कहा कि अगर कोई प्रत्याशी नहीं मिला तो वह खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मैदान में खड़े होंगे. मैं उन्हें काफी आराम दूंगा कोशिश करूंगा कि वह सत्ता से कम से कम 10 साल आराम करें. उन्होंने मुझे घर वापस भेजा था और अब मैं उनकी घर वापसी करा दूंगा.