दिल्ली चुनाव से पहले बीजेपी को लगा तगड़ा झटका, महाराष्ट्र में शिवसेना ने फिर दी पटखनी

महाराष्ट्र: दिल्ली में सिर्फ 3 दिन बाद ही विधानसभा चुनाव होने है और इसी बीच भाजपा को महाराष्ट्र में तगड़ा झटका लगा है स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा को अपने पुराने सहयोगी रहे शिवसेना से हार का सामना करना पड़ा है। बता दें की महाराष्ट्र में यवतमाल स्थानीय निकाय संस्था की सीट पर उपचुनाव हुआ है यह सीट तानाजी सावंत के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी इस सीट पर भाजपा और शिवसेना के बीच टक्कर मानी जा रही थी।

दरअसल, बीजेपी ने यहाँ से सुमित बाजोरिया को मैदान में उतारा था तो वही दुष्यंत चतुर्वेदी जो कांग्रेस नेता सतीश चतुर्वेदी के बेटे हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले ही शिवसेना का दामन थामा था। खास बात यह रही कि इस पूरे चुनाव में कुल 475 वोट पड़े थे जिनका बटबारा केवल भाजपा और शिवसेना के उमीदवारों ने ही कर लिया और अन्य किसी प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं मिला।

कांग्रेस नेता सतीश चतुर्वेदी के बेटे हैं दुष्यंत

इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार सुमित बाजोरिया को 185 वोट मिले तो वहीँ शिवसेना के उम्मीदवार दुष्यंत को 290 वोट मिले और वो 105 वोटों के अंतर से विजयी घोषित हुए।

गोरवतल है कि दुष्यंत चतुर्वेदी कांग्रेस नेता के बेटे है और उन्होंने कुछ महीने पहले ही शिवसेना का दामन थामा था | शुरुआत में जब दुष्यंत के नाम की घोषणा हुई थी तो शिवसेना में अंदरूनी धमासान की ख़बरें भीं की जोरों पर थी हालांकि बाद में शिवसेना में इनके नाम पर भी सहमति बन गई थी।

इस चुनाव की एक खास बात यह भी रही कि यहाँ शिवसेना और बीजेपी को छोड़कर और किसी उम्मीदवार को एक भी वोट नहीं मिला दीपक नीलावार, संजय देवकर, शंकर बडे और श्रीकांत मुनगिनवार,ये वो उम्मीदवार थे जिन्हें इस चुनाव में एक भी वोट नहीं मिला।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में गठबंधन की सरकार बनाने के बाद कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से शिवसेना मजबूत स्तिथि में नजर आ रही है यही कारण है कि कांग्रेस और एनसीपी ने इस चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे और मुकाबले को एक तरफ़ा बना दिया।

Leave a Comment