बुर्के में सेनिटेशन करने वाली मुस्लिम महिला को सम्मान मिलने पर भड़के बीजेपी नेता, सीएम योगी को पत्र लिखकर...

बुर्के में सेनिटेशन करने वाली मुस्लिम महिला को सम्मान मिलने पर भड़के बीजेपी नेता, सीएम योगी को पत्र लिखकर…

बीजेपी नेता ने एक महिला की समाजसेवा पर सवालिया निशान उठाए है वो भी इसलिए क्योंकि वह महिला बुर्का पहन कर काम करती हैं. उत्तरप्रदेश के लखनऊ में एक महिला बुर्क़ा पहन कर स्वच्छीकरण (सेनिटेशन) करती है जिसके लिए उसे सम्मानित किया गया. महिला को सम्मान मिलने पर बीजेपी नेता भड़क उठे हैं. बीजेपी नेता दिलीप श्रीवास्तव ने इस पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है.

इतना ही नहीं दिलीप श्रीवास्तव ने इसकी शिकायत भी सीधे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की हैं. श्रीवास्तव ने सीएम योगी आदित्यनाथ को बाकयदा पत्र लिखकर नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) का विरोध करने वाली उज़्मा परवीन को सम्मानित करने वाले सरकारी अधिकारीयों की शिकायत की हैं.

दरअसल शहर के घंटाघर पर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में उज्मा परवीन ने मुख्य भूमिका निभाने वाली महिलाओं में से एक हैं. कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के दौरान उज़्मा परवीन राशन बांटने और स्वच्छीकरण जैसे जनसेवा के काम में जुटी हुई हैं. उन्हें काम जारी रखने के लिए ज़िला मजिस्ट्रेट के कार्यालय ने विशेष पास भी दिया है.

उज़्मा परवीन बुर्क़ा पहन कर अपने इलाक़े के मस्जिदों, मंदिरों, रेलवे स्टेशन से लेकर मलिन बस्तियों तक में सेनिटेशन करती हैं. साथ ही वह प्रवासी मज़दूरों, गरीबों को राशन भी बंट चुकी हैं. परवीन ने कहा कि उन्होंने स्वच्छीकरण के लिए मशीन लेने में अपने पास से क़रीब 95 हजार रुपए भी खर्च किये हैं.

उनकी इसी समाजसेवा को देखते हुए उन्हें कई संस्थाओं ने सम्मानित किया हैं. इसी दौरान लखनऊ नगर निगम ने भी उन्हें सम्मानित किया और प्रशंसा प्रमाणपत्र भी दिए. परवीन ने बताया कि नगर आयुक्त ने उन्हें सम्मान के रूप में 28 मई को कोरोना कर्मयोद्धा पुरस्कार और एक प्रशंसा प्रमाणपत्र दिया था.

इसके साथ ही सुरक्षा किट और सेनिटेशन किट दी गई. नगर निगम ने उन्हें 11 हजार रूपए इनाम राशि के तौर पर उनके खाते में भेजे गए. परवीन को कोरोना कर्मयोद्धा पुरस्कार मिलने की खबर सामने आने के बाद बीजेपी नेता दिलीप श्रीवास्तव ने आप्पति दर्ज कराई हैं.

सीएम को लिखे गए एक पत्र में उन्होंने कहा कि समाजसेवा के नाम पर नगर निगम के सरकारी अधिकारियों ने उस महिला को सम्मानित किया है जो सीएए की प्रमुख विरोधियों में से एक हैं. उसने सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों के खिलाफ कई बयान दिये थे और योगी सरकार की प्रतिष्ठा पर ठेस पहुंचाई थी.

इसी के साथ बीजेपी पार्षद दिलीप श्रीवास्तव ने सरकारी अधिकारीयों पर कार्रवाई की मांग भी की. इस मामले को लेकर परवीन ने कहा कि वह नगर निगम द्वारा दिया गया सम्मान वापिस करने के लिए तैयार है वह नहीं चाहती हैं कि उनकी वजह से किसी भी सरकारी अधिकारी की नौकरी ख’तरे में पड़े.