CAA-NRC के खिलाफ देश भर में 15 अगस्त से फिर शुरू होगा आंदोलन, बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट

कोरोना महामारी ने जिंदगी की रफ्तार पर लगाम लगा दी है. तेजी से बढ़ती दुनिया के कदम मानों थम गए है, देश भर में कोरोना वायरस के चलते सब कुछ रुक के रह गया है. वहीं दूसरी तरफ इस घा’तक वायरस के चलते नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और (NRC) के खिलाफ चल रहे देशव्यापी आंदोलन भी स्थगित करने पड़े. लेकिन अब कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन में ढील बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में अब एक बार फिर से आंदोलन की तैयारी शुरू होने लगी हैं.

देश भर में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का बिगुल बजाने की योजना बन चुकी हैं और इसके लिए स्वतंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त के दिन को चुना गया है. वहीं इस बार आंदोलन की शुरुआत उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ शहर से की जाने वाली हैं.

सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा ने घोषणा की है कि वो 15 अगस्त को अलीगढ़ जिले में सीएए और एनआरसी को लेकर धरने पर बैठेने जा रहे है. यह धरना अलीगढ़ के ईदगाह मैदान में किया जाएगा. बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में उनके साथ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के तीन छात्र भी मौजूद होगें.

यह वहीं छात्र है जो पहले भी सीएए-एनआरसी विरोधी आंदोलन में शामिल हो चुके हैं. महमूद प्राचा ने कहा कि केंद्र सरकार की अनलॉक स्टेज काफी एडवांस स्तर पर पहुंच चुकी है. सरकार हर प्रकार की गतिविधि की अनुमति दे रही है तो ऐसे में 15 अगस्त से एक बार फिर से आंदोलन शुरू किया जा सकता हैं.

उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा निकालने की अनुमति दे सकता है तो फिर आंदोलन क्यों शुरू नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा कि इंशाल्लाह 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के दिन से दोबारा संविधान बचाओ आंदोलन शुरू किया जाएगा.

वहीं दूसरी तरफ अलीगढ़ में इस आंदोलन को रोकने के लिए भगवा संगठन और योगी प्रशासन हरकत में आ गई हैं. अलीगढ़ में प्रशासन से इस आंदोलन को रोकने की मांग भी की जाने लगी हैं.

वहीं सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा शनिवार को अलीगढ पहुंचे और आंदोलन की तैयारी का जायजा लिया. इस उन्होंने उनकी कई लोगों से मुलाकात हुई लेकिन अब पुलिस उन सभी लोगों से पूछताछ करके उन्हें तं’ग कर रही हैं.