लॉकडाउन: भारत को गोल्ड दिलाने वाली कप्तान नसरीन को पड़े खाने के लाले, कहा- सीएम केजरीवाल ने नहीं सुनी मेरी बात

दिल्ली की रहने वाली नसरीन भारतीय महिला खो-खो टीम की कैप्टन हैं. नसरीन के पिता दिल्ली के बाज़ारों में पटरी दुकान लगाते हैं. 2019 में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में नसरीन की कप्तानी में भारत को गोल्ड मेडल मिला था. आपको बता दें नसरीन ने अब तक तीन इंटरनेशनल और 40 बार नेशनल लेवल पर खेल चुकी हैं. लेकिन अब भारतीय राष्ट्रीय महिला खो-खो टीम की कप्तान नसरीन दाने-दाने को मोहताज है।

दरअसल, कोरोना वायरस के कारण देश में 3 मई तक लॉकडाउन है. ऐसे में लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है. वही कप्तान नसरीन को भी इस संकट का सामना करना पड़ रहा हैं. इसलिए उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मदद मांगी है, लेकिन अब तक उनका कोई जवाब नहीं आया है।

बता दें लॉकडाउन के कारण नसरीन के पिता मोहम्मद गफूर बेरोजगार हो गए हैं. वह परिवार में कमाने वाले एक मात्र व्यक्ति है. नसरीन के पिता सड़कों पर स्टील के बर्तन बेचते है. नसरीन ने कहा, मेरे पिता बर्तन बेचते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण वह बाहर नहीं जा पा रहे हैं, जिस कारण परिवार के सामने एक वित्तीय संकट आ चुका है।

नसरीन ने कहा कि इस लॉकडाउन के दौरान सब कुछ बंद है. हमें बहुत परेशानी हो रही है. राशन भी नहीं मिल रहा नसरीन ने आगे कहा, खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव त्यागी सर ने हमारी मदद की, लेकिन हमारी समस्याएं उससे आसान नहीं हुई नसरीन ने इसलिए दिल्ली सरकार से मदद मांगी है।

 

उन्होंने कहा, मुझे दिल्ली सरकार से बहुत उम्मीदें थीं क्योंकि मैंने राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व किया था. लेकिन वे मेरे ट्वीट का जवाब नहीं दे रहे हैं. परिवार में केवल मेरे पिता ही कमाते हैं. हमें बहुत परेशानी हो रही है. मैं केजरीवाल सर से अनुरोध करती हूं कि वे मेरी समस्याओं पर ध्यान दें. मुझे इस बात का दुख है कि उन्होंने अभी तक जवाब नहीं दिया है।

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