CM योगी ने बदला आगरा के ‘मुगल म्यूजियम’ का नाम, सोशल मीडिया पर भड़के लोग कहा– कभी तो खुद कुछ नया बनाकर दिखाओ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक ऐलान करते हुए आगरा में बन रहे मुगल म्यूजियम का नाम बदल कर छत्रपति शिवाजी महाराज कर दिया है. यह ऐसे समय में की गई है जब महाराष्ट्र में बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और सूबे की उद्धव ठाकरे सरकार आमने-सामने टकराव की स्थिति में है. ऐसे समय में यूपी की योगी सरकार ने मुग़ल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज रखने का ऐलान किया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इस बारे में घोषणा करते हुए कहा कि हमारे नायक मुग़ल कैसे हो सकते है. उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार राष्ट्रवादी विचारों का समर्थन करने वाली सरकार है.  हमें गुलामी की मानसिकता के प्रतीक चिन्हों को छोड़कर, राष्ट्र के प्रति गौरव बोध कराने वाले विषयों को बढ़ावा देने की जरूरत है.

yogi ji

उन्होंने आगे कहा कि हमारे नायक मुगल नहीं हो सकते है, शिवाजी महराज ही हमारे नायक हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूपी सरकार ने इस संबंध में पर्यटन विभाग को कार्रवाई करने के लिए निर्देश जारी कर दिये है.

इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव पर्यटन जितेंद्र कुमार को आदेश जारी किये गए है. पर्यटन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आगरा में बन रहे इस म्यूजियम में मुगल काल की वस्तुएं और दस्तावेजों को प्रदर्शित किये जाएंगे. इसके आलावा इस संग्रहालय में छत्रपति शिवाजी महाराज के कालखंड से जुड़ी चीजें भी शामिल की जाएगी.

आपको बता दें कि पिछली अखिलेश यादव सरकार के दौरान इस परियोजना को साल 2015 में मंजूरी प्रदान की गई थी. इस म्यूजियम का निर्माण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 210 किलोमीटर दूर आगरा शहर में ताजमहल के पास छह एकड़ के भूखंड पर किया जा रहा है.

सरकार ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को म्यूजियम में मराठा साम्राज्य के कालखंड की चीजों का प्रदर्शित करने की व्यवस्था करने के आदेश भी दिये है. वहीं नाम बदलने का ऐलान सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर भी किया जहां इसे लेकर बहस छिड़ गई है.

एक यूजर ने सीएम योगी को ट्रोल करते हुए कहा कि नया तो कुछ बना नहीं सकते, जब से सरकार आई है सिर्फ नाम ही बदल रही है. छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम से अलग संग्रहालय भी बनाया जा सकता था.

वहीं एक अन्य यूजर ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मुगल हमारे नायक नहीं हो सकते है तो दिल्ली के लाल किले से लेकर आगरा के ताजमहल तक सभी मुगलकालीन इमारतों पर बुलडोजर क्यों न चलवा देते हैं? बता दें कि योगी सरकार अक्सर ही रोड, महल, रेलवे स्टेशन, चरोहों के नाम बदलने को लेकर चर्चा में बनी रहती है.