मैं घर में हनुमान चालीसा रख कर बाहर टोपी लगाने वालों में से नहीं हूं, अगर निमंत्रण मिलेगा तो मस्जिद भी जाऊंगा: CM योगी

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बुधवार को भूमि पूजन का कार्यक्रम हुआ था जिसमें पीएम मोदी ने भूमि पूजन करके मंदिर की नींव रखी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यक्रम के बाद कई मुद्दे पर बातचीत की. इसी दौरान उन्होंने मस्जिदों में जाने को लेकर जो बयान दिया उस पर अब बहस छिड़ गई है. योगी के इस वि’वा’दित बयान पर विपक्ष समेत सभी लोग कड़ी नाराजगी जाहिर कर रहे है.

जब सीएम योगी से पूछा गया कि क्या वो मंदिर के शिलान्यास की तरह मस्जिद के शिलान्यास में भी जाएंगे, अगर बुलाया जाता है तो? इसके जवाब में सीएम योगी ने कहा कि मुझे न तो इस कार्यक्रम में कोई बुलाएगा और मैं जाऊंगा भी नहीं.

उन्होंने आगे कहा कि अगर वह मस्जिद में गए तो कई लोगों की दुकान बंद हो जाएगी. सीएम योगी का यह बयान तूल पकड़ने लगा है और इस पर काफी वि’वा’द होने लगा है.

इसी बीच समाजवादी पार्टी ने इस बयान पर अ’प्प’ति जाहिर करते हुए कहा है कि सीएम योगी को तुंरत लोगों से इसके लिए मा’फी मांगनी चाहिए, क्योंकि वो किसी धर्म के लोगों के नहीं बल्कि पूरे राज्य के मुख्यमंत्री हैं.

सपा के प्रवक्ता पवन पांडेय ने कहा कि यह बयान देकर सीएम योगी ने अपनी सीएम पद की शपथ का उ’ल्लं’घन किया है. वो पूरे राज्य के मुख्यमंत्री हैं न कि सिर्फ हिन्दुओं के. सीएम योगी की यह भाषा मुख्यमंत्री पद के गौरव को कम करती है. उन्हें इसके लिए लोगों से माफी मांगन चाहिए.

वहीं इससे पहले सीएम योगी ने निमंत्रण मिलने पर मस्जिद में जाने की बात कही थी. मुख्यमंत्री के रूप में एक साल पूरा होने पर सीएम योगी ने कहा था कि मेरी आस्था निजी है और इसमें पाखंड का कोई स्थान नहीं है. मैं घर में हनुमान चालीसा रख कर बाहर टोपी लगाने वालों में से नहीं हूं.

उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं है कि मैं एक हिन्दू हूं और मुझे इस बात पर गर्व है. मैं 22 करोड़ लोगों का सीएम हूं और अगर निमंत्रण मिलेगा तो मैं मस्जिद में भी जाऊंगा.