रिहाई के बाद प्रियंका गांधी ने की थी बात, कांग्रेस में शामिल होने को लेकर डॉ. कफील खाना का आया बड़ा बयान

इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद भड़’काऊ भाषण के मामले में मथुरा जेल से रिहा हुए डॉ कफील खान को लेकर इन दिनों अटकलें लगाई जा रही है कि वो जल्द ही कांग्रेस में शामिल होने जा रहे है. लेकिन अब डॉ. कफील ने इन अटकलों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इन्हें सिरे से ख़ारिज कर दिया है. इसके साथ ही कफील ने कहा कि वो डॉक्टर है और डॉक्टर ही बने रहना चाहते है. इसलिए ही वो यूपी सरकार से अपनी नौकरी वापस मांग रहे है.

दरअसल मथुरा जेल से रिहा होने के बाद से ही उनके साथ कुछ कांग्रेसी नेता नजर आए थे. साथ ही डॉ कफील कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के फोन के बाद अपने घर गोरखपुर जाने की जगह राजस्थान पहुंच गए थे. इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि कफील कांग्रेस में शामिल हो सकते है.

लेकिन कफील ने साफ कर दिया है कि वो कांग्रेस पार्टी ज्वाइन नहीं कर रहे है. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी बताया कि वो कांग्रेस ही नहीं बल्कि किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं हो रहे है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी की योगी सरकार द्वारा मुझे किसी अन्य मामले में फंसाए जाने की आशंकों के चलते मानवता के आधार पर मेरी मदद की है, लेकिन इससे यह कयास नहीं लगाए जाने चाहिए कि मैं कांग्रेस में शामिल होने जा रहा हूं.

कफील ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा से कोई भी राजनीतिक चर्चा नहीं हुई और ना ही उनकी तरह से मुझे किसी तरह का कोई संकेत मिला है. उन्होंने आगे कहा कि जब एक सितम्बर को इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी मेरी रिहाई में देरी होती नजर आए तो यह आशंका होने लगी कि यूपी सरकार मुझे फिर किसी मामले में फंसाने का प्रयास कर रही है.

इसी को लेकर हुए प्रियंका गांधी ने मुझे भरतपुर राजस्थान आने की पेशकश दी, चूंकि यहां कांग्रेस की सरकार है और यह मथुरा से सिर्फ 20 मिनट का रास्ता है इसलिए मैं यहां आ गया था. यहां मुझे प्रियंका की मेहरबानी से सुरक्षा मिली इसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं.

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मैंने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वो गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मुझे अपने पद पर बहाल करें ताकि मैंने कोरोना योद्धा की तरह लोगों की सेवा कर सकूं.